अलर्ट मोड में प्रशासन
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए सरकार ने सभी कलेक्टरों को तत्पर रहने और राहत कार्यों के आदेश दिए हैं। समुद्र में उठते ऊंचे लहरों को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।
प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की तैनाती
आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ की आठ टीमों को कई जिलों में तैनात किया गया है। इसमें तंजावुर, नागपट्टिनम, मयिलाडुथुरै, पुदुकोट्टई, कुड्डालोर, तिरुवारूर में एक-एक टीमें तैनात की गई है। जबकि पुडुचेरी में दो टीमें तैनात की गई है। इन टीमों में लगभग 30 सदस्य होते हैं, और विशेष रूप से सर्च डॉग यूनिट भी भेजी गई है, जिसमें चार प्रशिक्षित स्निफर डॉग- रानी, मिकी, लाइका और रैम्बो तैनात हैं। ये कुत्ते मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने में मदद करेंगे।
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30 नवंबर की सुबह तक उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी पहुंचेगा- IMD
मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि चक्रवाती तूफान 'दित्वाह' 30 नवंबर की सुबह तक उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और उससे सटे दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की प्रबल संभावना है। चक्रवाती तूफान शुक्रवार को कराईकल से 320 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व, पुडुचेरी से 430 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और चेन्नई से 530 किलोमीटर दक्षिण में था और इसके श्रीलंका तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से होते हुए उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और उससे सटे दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों तक पहुंचने की प्रबल संभावना है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
चक्रवाती तूफान के समुद्र में लहरें उठाने और तमिलनाडु तट के समानांतर आगे बढ़ने की संभावना है। कावेरी डेल्टा के जिलों और तटीय इलाकों में बारिश की आशंका को देखते हुए सरकार ने जिला कलेक्टरों को सतर्क रहने और उचित बचाव एवं राहत उपाय शुरू करने की सलाह दी है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।