फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बॉम्बे हाईकोर्ट: देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग करने वाले वकील को लताड़ा, पूछा- इससे आपका क्या लेना-देना?

Tue, 30 Mar 2021 06:00 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

  • वकील ने याचिका दायर की सीबीआई जांच कराने का किया अनुरोध, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- घटिया प्रसिद्धि के लिए दायर की याचिका।
  • राज्य सरकार ने आरोपों की जांच के लिए उच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है।
विज्ञापन
बॉम्बे हाईकोर्ट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर मिली जिलेटिन की छड़ों से लदी स्कॉर्पियो मामले में हटाए गए मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की ओर से महाराष्ट्र के गृह मंत्री पर लगाए गए आरोपों पर बवाल जारी है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने देशमुख और परमबीर सिंह के खिलाफ सीबीआई जांच का अनुरोध करने वाली याचिका को लेकर एक वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि इस प्रकार की याचिकाएं अक्सर घटिया प्रसिद्धि के लिए दायर की जाती हैं। कोर्ट ने पूछा कि इस मामले से आपका क्या लेना-देना है? 

विज्ञापन


न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति मनीष पिताले की पीठ ने वकील जयश्री पाटिल की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि वह सीबीआई या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी को देशमुख के खिलाफ लगे आरोपों की जांच का निर्देश दे। 

पाटिल ने पिछले सप्ताह याचिका दायर कर कहा था कि देशमुख और सिंह ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास के बाहर मिली विस्फोटक सामग्री युक्त एसयूवी, वाहन के मालिक मनसुख हिरन की हत्या, मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की गिरफ्तारी और संबंधित घटनाक्रमों के दौरान अपने पेशेवर कर्तव्य का पालन नहीं किया। हालांकि, देशमुख ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
विज्ञापन


पाटिल ने मंगलवार को अदालत से कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले में एक स्थानीय थाने में भी शिकायत दर्ज कराई है। अदालत ने कहा, प्रथमदृष्ट्या हमारा मानना है कि इस प्रकार की याचिकाएं घटिया प्रसिद्धि पाने के लिए दायर की जाती हैं। यह अस्वीकार्य है।

कोर्ट ने पूछा, याचिका में कानूनी तथ्य क्या है?
महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने पीठ से कहा कि परमबीर सिंह ने भी उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है और इस प्रकार मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ बुधवार को सुनवाई करेगी। उन्होंने पाटिल की याचिका के बारे में कहा कि याचिका को बहुत खराब तरीके से तैयार किया गया है। पीठ ने कहा कि पाटिल की याचिका में केवल राज्य के गृह मंत्री एवं सिंह के बीच हुई बातचीत को ही पेश किया गया है।

कोर्ट ने पाटिल से कहा कि आप कानून में डॉक्टरेट हैं। अपनी याचिका में कोई मौलिक अनुरोध कीजिए। आपने केवल पूर्व आयुक्त एवं गृह मंत्री की बाचतीत फिर से पेश की है। आप केवल परिच्छेद के बाद परिच्छेद निकाल रही हैं। अदालत ने पूछा कि इससे आपका क्या लेना-देना है? आपने किस कारण याचिका दायर की है।

उच्च न्यायालय ने इसके बाद कुंभकोणी से इस मामले से संबंधित सभी यचिकाओं को एक साथ जोड़ने को कहा, ताकि कोई असंगत आदेश पारित न हो सके। अदालत पाटिल की याचिका और अन्य संबंधित याचिकाओं, यदि कोई है, पर एक अप्रैल को सुनवाई करेगी।

विज्ञापन

महाराष्ट्र सरकार ने जांच के लिए न्यायाधीश की नियुक्ति की

इधर, दूसरी ओर महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए मंगलवार को उच्च न्यायालय के एक अवकाशप्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है।

एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि न्यायाधीश कैलाश उत्तमचंद चांदीवाल (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति को अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने के लिए छह महीने का समय दिया गया है।

मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से तबादले के बाद सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि देशमुख ने पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को 100 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य दिया था। हालांकि देशमुख ने इन आरोपों से इनकार किया था।

एनआईए, उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक सामग्री वाली एसयूवी मिलने के मामले की भी जांच कर रही है जिसमें मुंबई पुलिस के सहायक निरीक्षक सचिन वाजे को गिरफ्तार किया गया है। एनआईए कारोबारी मनसुख हिरन की हत्या में भी वाजे की कथित भूमिका की जांच कर रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें