उन्होंने दावा किया कि अगर पुडुचेरी में भाजपा सत्ता में आती है, तो इस केंद्रशासित प्रदेश की खुद की पहचान खत्म हो जाएगी। नारायणसामी ने कहा कि दिल्ली सरकार की शक्तियां लेकर उपराज्यपाल को दे दी गईं। अब दिल्ली सरकार शक्तिहीन हो गई है।उन्होंने कहा कि पुडुचेरी को लोगों को इस मुद्दे को ध्यान में रखकर वोट करना चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत होने पर क्या वह मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी फिर से संभालेंगे तो नारायणसामी ने न में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री के बारे में विधायक फैसला करते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस कार्यकर्ता हूं। मैं पार्टी को मजबूत करने के लिए 24 घंटे काम करूंगा।’’
बता दें कि पुडुचेरी में सभी 30 सीटों के लिए छह अप्रैल को मतदान होना है। पुडुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस नीत गठबंधन के तहत कांग्रेस 14, द्रमुक 13, भाकपा एक और वीसीके एक सीट पर चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन दे रही है।