भारत के एविएशन कोड वीटी को बदलने की मांग लंबे समय से हो रही है। लोकसभा में भाजपा सांसद हरीश द्विवेदी के एक प्रश्न के लिखित जवाब में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा, "अगर हम वीटी कॉल साइन बदलते हैं, तो सभी दस्तावेजों को फिर से जारी करना होगा, विमान को फिर से रंगना होगा और तब तक वह उड़ान नहीं भर सकता जब तक सभी चिह्न बदल नहीं जाते।
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान विमान जमीन पर रहेगा। इसका एयरलाइंस पर भी बड़ा वित्तीय प्रभाव पड़ेगा। सिंह ने कहा कि 1944 के शिकागो कन्वेंशन के अनुबंध सात के प्रावधानों के अनुसार, भारत के पास देश में पंजीकृत विमानों के लिए तीन श्रृंखलाओं में से अपना कॉल साइन चुनने का विकल्प था। उन्होंने बताया "वाशिंगटन के अंतर्राष्ट्रीय रेडियोटेलीग्राफ कन्वेंशन, 1927 के दौरान 25 नवंबर 1927 को वाशिंगटन में हस्ताक्षर किए गए कॉल साइन वीटी भारत को सौंपा गया था।
संयुक्त राष्ट्र निकाय अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन की ओर से निर्धारित वैश्विक नियमों के अनुसार, प्रत्येक विमान को एक देश में पंजीकृत होना होता है, जहां उसे एक पंजीकरण संख्या आवंटित की जाती है। जिसमें देश कोड के रूप में दो अक्षर होते हैं, उसके बाद तीन अक्षर या मालिक की पसंद के नंबर होते हैं भारतीय विमान के मामले में यह VT-123 है।
भाजपा नेता तरुण विजय ने 2016 में राज्यसभा में भारतीय हवाई जहाजों के वीटी पंजीकरण कोड को बदलने का मुद्दा उठाया था। जिसमें उन्होंने कहा गया था कि वीटी का मतलब "वायसराय क्षेत्र" है और यह औपनिवेशिक शासन का प्रतिबिंब है। उन्होंने संसद के उच्च सदन में कहा था, "हिंदुस्तान वायसराय का क्षेत्र नहीं हो सकता... भारत वीटी कोड क्यों जारी रखे हुए है? वीटी को तुरंत बदला जाना चाहिए। राज्यसभा के सदस्य के रूप में विजय का कार्यकाल 2010 से 2016 तक था।
दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर भारत के एविएशन कोड वीटी को बदलने का अनुरोध किया है। कपूर ने कहा है कि अधिकांश कॉमनवेल्थ राष्ट्रों ने अपनी आजादी के बाद अपना ऐविएशन कोड बदल दिया पर भारत ने नहीं बदला है। देश के हर राष्ट्रवादी दिल को यह पीड़ा पहुंचाता है। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री से अनुरोध किया है कि वह इसमे हस्तक्षेप कर भारत की आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के आयोजन से पूर्व इस कोड को बदलवाए।