फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहली जुलाई से जीएसटी लागू होने का रास्ता लगभग साफ

Sat, 04 Mar 2017 10:21 PM IST
amarujala.com- presented by: रोहित कुमार पोरवाल
विज्ञापन
विज्ञापन
देश भर में आगामी पहली जुलाई से अप्रत्यक्ष कर के क्षेत्र में एक समान कर की व्यवस्था वस्तु व सेवा कर ‘जीएसटी’ पर केंद्र और राज्य एक महत्वपूर्ण मसले पर सहमत हो गए हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में शनिवार को हुई जीएसटी परिषद की बैठक में सेंट्रल जीएसटी और इंटिग्रेटेड जीएसटी के विधेयकों के मसौदे को मंजूरी दे दी गई। इस सहमति के बाद आगामी एक जुलाई से जीएसटी प्रणाली लागू होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
विज्ञापन


परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए अरुण जेटली ने कहा कि बैठक में दोनों ही मसौदों पर सहमति मिल गई है। परिषद की अगली बैठक 16 मार्च को होगी, जिसमें स्टेट जीएसटी और यूटी जीएसटी पर मुहर लगने की उम्मीद है। इन सब के बाद संसद में सीजीएसटी, आईजीएसटी, यूटीजीएसटी और मुआवजे से जुड़ा विधेयक पेश किया जाएगा जबकि एसजीएसटी को राज्य सरकारें और दो केंद्र शासित प्रदेश- दिल्ली और पुडुचेरी की विधानसभाओं से पारित कराया जाएगा। जेटली के अनुसार जीएसटी लागू करने के लिए एक जुलाई की समय सीमा संभव दिखती है। बताया जाता है कि जीएसटी में शिखर दर अपेक्षाकृत ऊंची ‘40 फीसदी’ रखी जाएगी पर लागू की जाने वाली दरें 5, 12, 18 और 28 फीसदी ही रहेगी।

जीएसटी के जरिये पूरे देश को एक बाजार में तब्दील करने की कोशिश है। हालांकि अभी तक इसे लागू करने की कई तारीखें तय हुई, लेकिन किसी ना किसी वजह से इस पर गतिरोध टूट नहीं पाया। अब केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ सहमति बनाकर पहली जुलाई से लागू कराने की योजना बनाई है। नई कर व्यवस्था के तहत पूरे देश में हर सामान पर एक समान कर होगा जबकि सेवाओं पर कर लगाने का अधिकार राज्यों को भी होगा। हालांकि, कर की दर क्या होगी, इस पर अंतिम फैसला जीएसटी परिषद को लेना है।
विज्ञापन

 
Trending Videos

रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग

सांकेतिक चित्र
केंद्र और राज्यों के बीच 40 फीसदी तक के जो शिखर दर पर प्रस्ताव रखने की जो सहमति बनी है, इसमें महज इनबैलिंग प्रोविजन यानी जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल होने वाला प्रावधान होगा। केंद्र ने साफ किया है कि कर की प्रस्तावित दर 5 से 28 फीसदी के बीच ही है। अभी यह भी तय होना है कि सोने पर कर की दर क्या होगी। लेकिन माना जा रहा है कि आवश्यक उपयोग की वस्तुओं पर जीएसटी की दर पांच फीसदी, दैनिक काम आने वाले वस्तुओं पर 12 से 18 फीसदी  और टिकाऊ वस्तुओं, लग्जरी वस्तुओं और कुछ अन्य सामानों पर 28 फीसदी का कर लग सकता है। इसके अलावा इन सामानों पर सेस भी लगेगा।
​
बैठक में भाग लेने केबाद पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने बताया कि राज्यों ने 26 बदलावों की मांग की थी जिसे केंद्र ने स्वीकार कर लिया है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि परिषद की बैठक में उन्होंने रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की है। हर कोई जानता है कि जमीन जायदाद के क्षेत्र में काफी काला धन खपता है। ऐसे में रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने से काले धन पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन

किसान और छोटे कारोबारी दायरे से बाहर

सांकेतिक चित्र
जीएसटी काउंसिल ने किसानों और छोटे कारोबारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन से बाहर रखा है। यानी उन्हें टैक्स नहीं देना होगा। ऐसे कारोबारियों को इस दायरे से बाहर रखा गया है, जिनका सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपये तक है। पूर्वोत्तर में यह सीमा 10 लाख रुपये है।

छोटे होटल और रेस्तरां पर 5 फीसदी जीएसटी

जीएसटी काउंसिल ने छोटे होटलों और रेस्तराओं पर पांच फीसदी का टैक्स निर्धारित किया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल ने 50 लाख रुपये तक के टर्नओवर वाले छोटे होटलों, रेस्तराओं और ढाबे पर टैक्स की दर 2.5 फीसदी रखी है। यानि केंद्र और राज्य जीएसटी की 2.5-2.5 फीसदी मिल कर पांच कुल जीएसटी दर 5 फीसदी हो जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें