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Modi Govt: UPSC पास किए बिना बनेंगे अफसर, 12 विभागों में 'खास' तरीके से विशेषज्ञों को भर्ती करेगी मोदी सरकार

Thu, 18 May 2023 09:15 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी बयान में यह भी बताया गया है कि यूपीएससी से ऐसे विशेषज्ञों को ‘लेटरल एंट्री’ यानी सरकारी विभागों में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की नियुक्ति के माध्यम से भर्ती करने के लिए कहा है। बता दें कि ऐसा तीसरी बार होगा जब केंद्र सरकार इस तरह से भर्ती करेगी। 
 
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पीएम मोदी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अधिकारी बनने के लिए अब यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा पास करना जरूरी नहीं होगा। दरअसल मोदी सरकार ने नौकरशाही में प्रवेश के लिए बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को अनुबंध के आधार पर अपने विभागों में भर्ती करने का फैसला किया है। इस बाबत कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने बयान भी जारी किया है। इस बयान के मुताबिक, केंद्र सरकार ने निजी क्षेत्र के 20 विशेषज्ञों को  अपने 12 विभागों में अनुबंध के आधार पर संयुक्त सचिव, निदेशक और उप सचिव के तौर पर भर्ती करने का फैसला किया है।

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कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी बयान में यह भी बताया गया है कि यूपीएससी से ऐसे विशेषज्ञों को ‘लेटरल एंट्री’ यानी सरकारी विभागों में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की नियुक्ति के माध्यम से भर्ती करने के लिए कहा है। बता दें कि ऐसा तीसरी बार होगा जब केंद्र सरकार इस तरह से भर्ती करेगी। 

20 मई को विज्ञापन होगा जारी
जारी बयान में इन पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों के लिए  विस्तृत विज्ञापन और निर्देश 20 मई, 2023 को जारी कर दिया जाएगा। उम्मीदवार विज्ञापन को संघ लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर देख सकेंगे। इसमें आवेदन की तिथि भी बताई गई है। कहा गया है कि इच्छुक उम्मीदवार 20 मई, 2023 से 19 जून 2023 तक इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद उनकी जानकारी के आधार पर उम्मीदवारों को  इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। 
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इन मंत्रालयों/विभागों में होगी भर्ती
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी बयान के मुताबिक, निजी क्षेत्र के 20 विशेषज्ञों को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के तहत रसायन और पेट्रोरसायन विभाग, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, उपभोक्ता मामले और भारी उद्योग मंत्रालय के साथ ही उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय के तहत कानूनी मामलों के विभाग, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में की जाएगी। 

बयान में यह भी कहा गया है कि लेटरल एंट्री’ भर्ती प्रक्रिया के जरिए इन मंत्रालयों और विभागों में चार संयुक्त सचिवों और 16 निदेशकों/उप सचिवों को  भर्ती किया जाएगा। 

सबसे पहले 2018 में  चुने गए थे नौ विशेषज्ञ
इससे पहले जून, 2018 में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर सरकार ने निजी क्षेत्र से विशेषज्ञ लाने का अभियान शुरू किया था। उस समय भी सीधी भर्ती के तहत संयुक्त सचिव स्तर के पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। उस भर्ती में आवेदन करने वाले 6077 लोगों में से नौ को संयुक्त सचिव के तौर पर तैनाती मिली थी।

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