केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि
सभी लोगों को सुलभ और तेजी से न्याय उपलब्ध कराने और जनता केंद्रित कानूनी ढांचा तैयार करने के लिए देश के आपराधिक कानूनों में जरूरी बदलाव करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आपराधिक कानूनों में विस्तृत बदलाव लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीसीपी) और भारतीय साक्ष्य जैसे कानूनों में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्र ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि इस काम में सभी हिस्सेदारों से चर्चा चल रही है।
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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने राज्य सभा को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, उप राज्यपालों, केंद्र शासित राज्यों के प्रशासकों, देश के मुख्य न्यायाधीश, विभिन्न हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों, बार काउंसिल ऑफ इंडिया समेत अन्य संबंधित लोगों से सुझाव मांगे हैं।
मिश्रा ने कहा कि गृह मामलों पर विभाग से संबंधित संसदीय स्थायी समिति ने अपनी 146वीं रिपोर्ट में कहा है कि देश की अपराध न्याय व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा किए जाने की जरूरत है। समिति ने अपनी 11वीं व 128वीं रिपोर्ट में भी आपराधिक कानूनों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया था।
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अजय कुमार मिश्रा ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि देश के सभी निवासियों को सुलभ और तेजी से न्याय उपलब्ध कराने और जनता केंद्रित कानूनी ढांचा तैयार करने के लिए देश के आपराधिक कानूनों में जरूरी बदलाव करने की प्रक्रिया केंद्र सरकार की ओर से शुरू कर दी गई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कानूनों में सुधारों के सुझाव के लिए एक समिति का गठित की गई है। यह समिति नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली के वाइस चांसलर के नेतृत्व में काम कर रही है। केंद्र सरकार समिति की सिफारिशों और हितधारकों के सुझावों के आधार पर एक व्यापक कानून लाने के लिए प्रतिबद्ध है।