तेलंगाना का एक स्कूल हाल ही में उस समय विवादों में घिर गया, जब छात्रों को परोसे गए नाश्ते में छिपकली मिली थी। इस मामले में अब केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उसने मेडक के रामायमपेट स्थित तेलंगाना मॉडल स्कूल में छिपकली मिलने संबंधी मीडिया रिपोर्टों को गंभीरता से लिया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'तेलंगाना मॉडल स्कूल में उपमा में छिपकली मिलने की हालिया मीडिया रिपोर्टों के संबंध में, भारत सरकार के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है।'
मॉडल स्कूल के छात्रावास का मामला
आगे कहा गया, 'तेलंगाना सरकार ने बताया है कि यह घटना तेलंगाना सरकार के मॉडल स्कूल के छात्रावास में हुई है। राज्य सरकार अपनी योजना के तहत मॉडल स्कूलों को नाश्ता उपलब्ध कराती है और यह पीएम पोषण योजना के अंतर्गत नहीं आता है। राज्य सरकार ने यह भी बताया है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की है।
पका हुआ भोजन कराएं उपलब्ध
केंद्र ने कहा कि पीएम पोषण योजना स्कूलों में गर्म पका हुआ मध्याह्न भोजन प्रदान करती है और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सुरक्षा मानदंडों को सुनिश्चित करने और छात्रों के लिए ठीक से पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने के लिए उचित कदम उठाने की सलाह दी गई है।
इस सप्ताह की शुरुआत में तेलंगाना मॉडल स्कूल के तीन छात्र उपमा खाने के बाद बीमार पड़ गए थे। उनमें से कम से कम 30 से 40 छात्रों ने यह खाना खाया था। पुलिस ने बताया था कि खाना खाने के बाद छात्रों को उल्टी होने लगी। इस पर तीन छात्रों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।