त्रिपक्षीय समझौते के दौरान मौजूद अमित शाह
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आज भारत सरकार, त्रिपुरा सरकार और स्वदेशी प्रगतिशील क्षेत्रीय गठबंधन के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुआ। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा मौजूद रहे।
गलतियों को सुधारा है
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'आज त्रिपुरा के लिए ऐतिहासिक दिन है। आज इस समझौते के साथ हमने इतिहास का सम्मान किया है। गलतियों को सुधारा है और आज की वास्तविकता को स्वीकार करके भविष्य की ओर देखा है। इतिहास जो है उसे कोई नहीं बदल सकता, उसमें हुई गलतियों को सीखकर और आज की वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए, हम निश्चित रूप से आगे बढ़ सकते हैं।'
भाजपा की त्रिपुरा सरकार ने निभाई अहम भूमिका
उन्होंने कहा, 'त्रिपुरा स्वदेशी प्रगतिशील क्षेत्रीय गठबंधन, जिसे लोकप्रिय रूप से टिपरा मोथा के नाम से जाना जाता है, और सभी आदिवासी दलों ने रचनात्मक भूमिका निभाई है और त्रिपुरा में भाजपा सरकार ने भी इस समझौते के लिए ईमानदारी से काम किया है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भी गहनता से अध्ययन कर इसे अंजाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।'
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों में 11 शांति और सीमा समाधान समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने कहा कि उग्रवादी समूह नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) के साथ शांति समझौते पर पहले हस्ताक्षर किए गए और लोकसभा चुनाव से पहले पूर्वोत्तर के लिए यह अंतिम समझौता होगा।
इसलिए हुआ समझौता
टिपरा मोथा सुप्रीमो प्रद्योत देबबर्मा स्थानीय लोगों की समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग को लेकर आमरण अनशन पर थे। केंद्र सरकार के वार्ताकारों के आश्वासन के बाद वह राष्ट्रीय राजधानी आए और समझौते के लिए सहमत हुए।