केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि घटना के सिलसिले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। मंत्री ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनमें से एक को हिरासत में ले लिया गया है। एक देसी बंदूक भी जब्त की गई है।
ओडिशा के मयूरभंज जिले के सिमलीपाल नेशनल पार्क में शिकारियों द्वारा एक वन विभाग के अधिकारी की हत्या के बाद केंद्र ने राज्य मशीनरी का सहयोग करने के लिए वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) की एक टीम भेजी है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
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सिमलीपाल दक्षिण के ऊपरी बरहाकामुडा (Barhakamuda) रेंज के तहत गमचाचारण (Gamchacharan) के पास पांच अन्य कर्मचारियों के साथ गश्त कर रहे वन विभाग के एक अधिकारी की शिकारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक अधिकारी की पहचान माथी हंसदा (40) के रूप में हुई है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि घटना के सिलसिले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। मंत्री ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनमें से एक को हिरासत में ले लिया गया है। एक देसी बंदूक भी जब्त की गई है। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और आईपीसी के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने जताया दुख
मंत्री ने एक अन्य ट्वीट में कहा, "कर्तव्य के निर्वहन में शहीद हुए हमारे योद्धा के खोने पर मुझे गहरा दुख हुआ है। हम उनके बलिदान को सलाम करते हैं और अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं।एमओईएफसीसी (MOEFCC) ने पहले ही मामले का संज्ञान ले लिया है और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की एक टीम को राज्य मशीनरी का सहयोग करने के लिए भेजा जा रहा है।"
सिमलीपाल टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक प्रकाश चंद गोगिनेनी ने कहा कि माथी हंसदा (Mathi Hansda) के सीने में कई गोलियां लगी थीं। उन्हें करंजिया अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बता दें, इससे पहले 22 मई को वन रक्षक बिमल कुमार जेना को भी शिकारियों ने गोली मार दी थी।