केंद्रीय शहरी विकास व आवास मंत्रालय ने देशभर में जारी स्मार्ट सिटी मिशन के क्रियान्वयन की मियाद बढ़ाकर जून 2023 कर दी है। देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी मिशन के लिए चुना गया है। इनमें मिशन के अनुरूप निर्माण कार्य चल रहा है।
कोरोना महामारी व अन्य के कारणों से मिशन पर अमल की समय सीमा बढ़ाई गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पूर्व निर्धारित समय सीमा के अनुसार किसी भी शहर को स्मार्ट सिटी मिशन के लिए चुने जाने के दिन से पांच साल में इसका क्रियान्वयन करना था। अधिकारी ने बताया कि अब सभी 100 स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए जून 2023 तक का वक्त मिल गया है।
मंत्रालय ने जनवरी 2016 से जून 2018 के बीच प्रतियोगिता के चार चरण आयोजित कर 100 शहरों का स्मार्ट सिटी मिशन के लिए चयन किया था। शहरी विकास मंत्रालय ने 25 जून 2015 को स्मार्ट सिटी मिशन लांच किया था।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि कोविड महामारी व अन्य कारणों से इस मिशन को पूरा करने की मियाद जून 2023 तक बढ़ा दी गई है। अब 2016 व 2018 में चुने गए शहरों को जून 2023 तक अपने प्रोजेक्ट पूरे करने होंगे।
6452 प्रोजेक्टों के टेंडर हो चुके
हाल ही में मंत्रालय ने कहा था कि 12 नवंबर 2021 तक इन स्मार्ट सिटीज में 6452 प्रोजेक्टों के टेंडर हो चुके हैं। इनका मूल्य 1,84,998 करोड़ रुपये है। इनमें से 5809 प्रोजेक्ट के वर्क आर्डर हो चुके हैं। इनकी लागत 1,56,571 करोड़ रुपये है। 3131 प्रोजेक्ट अब तक पूरे हो चुके हैं। इनकी 53,175 करोड़ रुपये हैं।
विपक्ष करता रहा है मिशन की आलोचना
केंद्र की भाजपा सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना की विपक्ष लगातार आलोचना करता रहा है। मंत्रालय का कहना है कि इस मिशन का उद्देश्य शहरों को आधारभूत बुनियादी ढांचे से लैस करना और नागरिकों को स्वच्छ व टिकाउ पर्यावरण व स्मार्ट सॉल्यूशंस की मदद से उम्दा जीवन मुहैया कराना है।