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Central Vista: नया थल सेना भवन होगा भव्य और अत्याधुनिक, अधिकारी बोले- 27 महीने में पूरा होगा निर्माण कार्य

Thu, 20 Apr 2023 02:06 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि काम इस साल जनवरी में शुरू हुआ था और करीब 760 करोड़ रुपये की लागत से 27 महीने में पूरा होगा।
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Central Vista project - फोटो : Twitter
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विस्तार
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मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट अब तेजी से पूरा होने की तरफ बढ़ रहा है। इसका जायजा खुद पीएम मोदी लेने कुछ दिन पहले गए थे। अब इस कड़ी में थल सेना मुख्यालय की नई इमारत के लिए निर्माण कार्य शुरू हो गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि नया थल सेना भवन आठ मंजिला होगा अत्याधुनिक संरचना से भरपूर होगा। इस भवन की वास्तुकला डिजाइन सेना के आधिकारिक प्रतीक से प्रेरित है।

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सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि काम इस साल जनवरी में शुरू हुआ था और करीब 760 करोड़ रुपये की लागत से 27 महीने में पूरा होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फरवरी 2020 में दिल्ली छावनी में सेना मुख्यालय के नए भवन के निर्माण की आधारशिला रखी थी।

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का निर्माण कार्य 2020 की शुरुआत में कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद धीमा पड़ गया था। सूत्रों ने कहा, इमारत पर्यावरण अनुकूल और पूरी तरह से भूकंप प्रतिरोधी होगी और इसको 100 वर्षों तक के लिए बनाया जाएगा।
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सेना अधिकारी एस गोपीकृष्णन ने कहा कि मानेकशॉ केंद्र के आसपास आने वाली इमारत का डिजाइन समय के साथ काफी बदल गया है, और वर्तमान डिजाइन वह है जो सेना के आधिकारिक प्रतीक, परियोजना के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर से प्रेरित है। यहां चल रहे सेना कमांडरों के सम्मेलन से इतर मानेकशॉ सेंटर के एक हॉल में थल सेना भवन का एक बड़ा मॉडल प्रदर्शित किया गया।

भवन एक प्रतिष्ठित आधुनिक इमारत होगी, और इसमें विभिन्न सेना मुख्यालय कार्यालय होंगे, जो वर्तमान में दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में फैले हुए हैं। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नया थल सेना भवन नए भारत की जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भारत सरकार की समग्र सेंट्रल विस्टा परियोजना का पूरक होगा।

ब्रिगेडियर गोपीकृष्णन ने कहा कि वास्तुकला को भव्य रूप देने के लिए धौलपुर के लाल बलुआ पत्थर का उपयोग शामिल होगा। इमारत में अशोक चक्र का भव्य स्वरूप स्थापित किया जाएगा। आगे उन्होंने कहा कि इसमें अधिकारियों और अधीनस्थ कर्मियों सहित 5,600 कर्मियों को रखा जाएगा। 

आगे ब्रिगेडियर गोपीकृष्णन ने कहा कि लगभग 40 एकड़ में फैली परियोजना में भवन के अलावा 300 वाहनों के लिए एक बेसमेंट पार्किंग और 2,500 वाहनों के लिए खुली पार्किंग शामिल होगी, इसके अलावा एक तीन मंजिला इमारत होगी जिसमें 300 सुरक्षाकर्मी होंगे जो चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे। उन्होंने कहा कि वास्तविक जमीनी कार्य पिछले महीने शुरू हुआ और परियोजना के जून 2025 से पहले तैयार होने की संभावना है।

अधिकारी ने कहा कि इस परियोजना से 579 पेड़ प्रभावित होंगे, उनमें से 103 काटे जाएंगे और 476 पेड़ लगाए जाएंगे। परिसर में चार प्रवेश होंगे - तीन परेड रोड की ओर से और चौथा एक राष्ट्रीय राजमार्ग से। अन्य अधिकारी ने कहा कि नए भवन में एक फैसिलिटी जोन, इंफ्रास्ट्रक्चर कॉम्प्लेक्स, सिंगल मेन लिविंग हाउसिंग, व्हीकल पार्किंग, इंजीनियरिंग सर्विसेज एरिया और ग्रीन लैंडस्केपिंग भी शामिल होगी।

उन्होंने कहा कि थल सेना भवन लगभग 1.5 लाख वर्गमीटर के क्षेत्र में फैले विभिन्न निदेशालयों और विभागों के लिए समर्पित स्थानों के साथ एक कार्यात्मक रूप से मजबूत गृह अनुपालन, भूकंप प्रतिरोधी इमारत होगी।

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