सेंट्रल विस्टा परियोजना निर्माण कार्य
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टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और एलएंडटी लिमिटेड सहित छह बुनियादी ढांचा फर्मों ने एक एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव के निर्माण के लिए तकनीकी बोलियां जमा की हैं, जिसमें प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ), कैबिनेट सचिवालय, इंडिया हाउस और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय होगा। सीपीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। अन्य चार फर्में शापूरजी पलोनजी एंड कंपनी लिमिटेड, एनसीसी लिमिटेड, पीएसपी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स इंडिया लिमिटेड हैं।
1171 करोड़ की लागत, दो साल में करना होगा पूरा
अधिकारी ने कहा कि इन छह निर्माण फर्मों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की वित्तीय बोली में भाग लेने के लिए उनकी योग्यता की जांच की जा रही है। सीपीडब्ल्यूडी के बोली दस्तावेज के अनुसार, नरेंद्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत निष्पादित की जा रही परियोजना को 24 महीनों के भीतर 1,171 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पूरा किया जाएगा।
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने कहा कि लुटियंस में उच्च सुरक्षा क्षेत्र में प्लॉट संख्या 36/38 में साउथ ब्लॉक के दक्षिण की ओर ये एन्क्लेव बनेगा। बोली दस्तावेज में कहा गया है कि नए पीएमओ में बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर के अलावा तीन मंजिलें होंगी, जिनमें से प्रत्येक 4.75 मीटर ऊंची होगी। नए कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का ढांचा समान होगा।
'इंडिया हाउस' में होंगी शीर्ष विदेशी नेताओं संग बैठकें
'इंडिया हाउस' जिसमें बेसमेंट और भूतल के अलावा एक मंजिल होगी। इसका हैदराबाद हाउस की तरह एक सम्मेलन सुविधा के रूप में उपयोग किए जाने की संभावना है, जहां उच्च स्तरीय वार्ता, विशेष रूप से विभिन्न देशों के शीर्ष अतिथि नेताओं के साथ मुलाकात आयोजित की जाती है।