बुंदेलखंड में सूखे के हालात की जानकारी लेने पहुंची केंद्रीय टीम ने अलग-अलग गांवों में जाकर किसानों से बातचीत की। किसानों से शासन की ओर से मिलने वाली योजनाओं के बारे में जानकारी ली।
कृषि विश्वविद्यालय में भी कृषि विशेषज्ञों से बातचीत कर हालात जाने। खेत-तालाब योजना का स्थलीय जायजा लिया। सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद सदस्यों ने माना कि जिले में सूखे के गंभीर हालात हैं।
बांदा में मंगलवार सुबह चार सदस्यीय टीम ने तरसूमा, बघेलाबारी और जबरापुरा गांव में ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद रसिन बांध का निरीक्षण किया। हमीरपुर के बांक, कुछेछा और कुंडौरा गांव का दौरा कर स्थिति की जानकारी ली।
रतवा गांव के स्कूल में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सूखे की स्थिति से पैदा हो रही समस्याओं की जानकारी ली। पूछा कि एक बीघे में कितनी उपज हुई। भूसा वितरण और राहत पैकेट के बारे में भी पूछा। महोबा में टीम ने किड़ारी तालाब को देखा। पानी की जगह तालाब में उड़ रही धूल देख टीम के सदस्यों ने माना कि जिले में सूखे के गंभीर हालात है।