महिला बाल विकास मंत्रालय की तरफ से शुक्रवार देर रात जारी अधिसूचना के मुताबिक, कारा अब हेग से प्रमाणित सभी देशों के लिए एनओसी जारी कर सकेगी। दत्तक बच्चों के संरक्षण और सहयोग पर हेग कन्वेंशन एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है। भारत ने भी इसके नियमों को गोद लेने के संदर्भ में मान्यता दी है।
केंद्र सरकार ने दंपतियों के लिए भारत में बच्चा गोद लेने और उसे अपने साथ विदेश ले जाने की जटिल प्रक्रिया को आसान बना दिया है। इसके लिए सरकार ने हिंदू दत्तक ग्रहण व भरण-पोषण अधिनियम (हामा) के तहत अंतर देशीय गोद लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने वाले नए नियम अधिसूचित कर दिए हैं।
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दत्तक ग्रहण (संशोधन) विनियम 2021 के अनुसार, अब अधिनियम के तहत गोद लेने वाले परिवार बच्चे को विदेश लेकर जाने के लिए सरकार की नोडल एजेंसी केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे।
कारा यह एनओसी संबंधित क्षेत्र के जिलाधिकारी से मिले सत्यापन प्रमाण पत्र के आधार पर जारी करेगी। अब तक ऐसे बच्चों को गोद लेकर विदेश जाने के लिए अदालत जाकर गुहार लगानी पड़ती थी। अदालत ही इसकी एनओसी जारी करती थी।
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इसकी वजह थी हामा के तहत अंतर देशीय गोद लेने के संबंध में कारा से जुड़ा कोई नियम नहीं था। कारा एनओसी देने से इंकार कर देता था। लेकिन नए नियमों में बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया का विस्तृत विवरण है। इसके अलावा इन नियमों के तहत गोद लिए बच्चों को भी जैविक बच्चों को मिलने वाले सभी अधिकार मिल सकेंगे।
इन नए नियमों के आने से हिंदू दत्तक ग्रहण के तहत गोद लिए बच्चे को दूसरे देश में स्थानांतरित करने के संबंध में आने वाली चुनौतियां समाप्त हो जाएंगी। हिंदू दत्तक अधिनियम के तहत गोद लिए बच्चे भी आसानी से विदेश जा सकेंगे।