मंत्री ने कहा कि धान की सामान्य किस्त के उत्पादन की लागत 1,245 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि बारीक किस्त के धान की लागत 1,746 रुपये प्रति क्विंटल है। इन दोनों का एमएसपी लागत से 50 प्रतिशत अधिक है। अनाजों में बाजरे का प्रति क्विंटल एमएसपी 150 रुपये बढ़ाकर 2,150 रुपये, रागी 145 रुपये बढ़ाकर 3,295 रुपये प्रति क्विंटल तथा मक्के का एमएसपी 90 रुपये बढ़ाकर 1,850 रुपये किया गया है।
ज्वार संकर और ज्वार मालदंडी का एमएसपी 70-70 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर क्रमश: 2,620 रुपये और 2,640 रुपये तथा मक्के का 1,850 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। दलहनों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उड़द का एमएसपी 300 रुपये बढ़ाकर छह हजार रुपये, तुअर (अरहर) का 200 रुपये बढ़ाकर छह हजार रुपये और मूंग का 146 रुपये बढ़ाकर 7,196 रुपये प्रति क्विंटल किया गया।
सरकार ने खाद्य तेलों के आयात को कम करने के लिए तिलहनों के एमएसपी में इस बार तेज वृद्धि की। सोयाबीन (पीला) का एमएसपी 170 रुपये बढ़कर 3,880 रुपये प्रति क्विंटल, सूरजमुखी बीज का 235 रुपये बढ़कर 5,885 रुपये प्रति क्विंटल और मूंगफली का 185 रुपये बढ़कर 5,275 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इनके अलावा, रामतिल (निगरसीड) का एमएसपी 755 रुपये बढ़ाकर 6,695 रुपये और तिल के बीज का 370 रुपये बढ़ाकर 6,855 रुपये प्रति क्विंटल किया गया।
सरकार के अनुसार, एमएसपी में की गई इस वृद्धि के बाद किसानों को लागत की तुलना में बाजरा की खेती में 83 प्रतिशत, उड़द की खेती में 64 प्रतिशत, अरहर की खेती में 58 प्रतिशत और मक्के की खेती में लागत से 53 प्रतिशत अधिक आय प्राप्त होने के अनुमान हैं। इनके अलावा अन्य फसलों पर किसानों को लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक आय के अनुमान हैं।