मंत्रालय ने विंटेज मोटर वाहनों की पंजीकरण प्रक्रिया को औपचारिक रूप देते हुए सीएमवीआर, 1989 में संशोधन किया है। इसका उद्देश्य देश में पुराने वाहनों की विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देना है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने विंटेज वाहनों को बढ़ावा देने और इस विरासत को संरक्षित रखने के मकसद से विंटेज मोटर वाहनों के पंजीकरण की प्रक्रिया को औपचारिक रूप दे दिया है।
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केंद्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में विंटेज मोटर वाहनों के पंजीकरण प्रक्रिया को औपचारिक रूप देने की बात कही थी और इसको लेकर नियमों के लिए सुझाव मांगे थे।
गडकरी ने सिलसिलेवार किए ट्वीट में कहा कि विभिन्न राज्यों में पंजीकरण-प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए कोई नियम नहीं है। नए नियम, पहले से पंजीकृत वाहनों के लिए पुराने नंबर को बनाए रखने और नए पंजीकरण के लिए ‘वीए’ शृंखला (विशिष्ट पंजीकरण चिह्न) समेत सरल प्रक्रिया की सुविधा देंगे।
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मंत्रालय ने विंटेज मोटर वाहनों की पंजीकरण प्रक्रिया को औपचारिक रूप देते हुए सीएमवीआर, 1989 में संशोधन किया है। इसका उद्देश्य देश में पुराने वाहनों की विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देना है।
नई व्यवस्था के तहत सभी 2/4 पहिया, 50 वर्ष से अधिक पुराने, अपने मूल रूप में सुरक्षित रखे गए और जिनमें कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं हुआ है, उन्हें विंटेज मोटर वाहन के रूप में मान्यता दी जाएगी।
मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, पुराने सभी विंटेज वाहनों के दोबारा रजिस्ट्रेशन की बात कही गई है। नए रजिस्ट्रेशन का खर्च प्रति कार 20,000 रुपये होगा और इसकी वैधता 10 साल तक रहेगी। इसके बाद फिर से रजिस्ट्रेशन के लिए गाड़ी मालिक को सिर्फ 5000 रुपये और देने होंगे।