बीते सप्ताह के आखिर में बुलबुल तूफान के मुद्दे पर बंगाल में अब सियासत तेज हो रही है। ममता का दावा है कि केंद्र ने इस मामले में अब तक कोई सहायता नहीं दी है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने ममता से फोन पर बातचीत में केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया था।
ममता ने सोमवार व बुधवार को तूफान से प्रभावित दक्षिण और उत्तर 24-परगना जिलों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद दावा किया है कि नुकसान का आंकड़ा 50 हजार करोड़ तक पहुंच सकता है। राज्य सरकार ने इस तूफान में मरने वाले लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता दी है।
ममता बनर्जी ने तूफान पीड़ितों को राहत देने के मामले में राजनीतिक नहीं करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राहत बांटते समय किसी के राजनीतिक झुकाव को ध्यान में नहीं रखा जाना चाहिए। राज्यपाल जगदीप धनकड़ ने भी यही बात कही है।
राज्यपाल ने लोगों से इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की है। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि शासन में राजनीति का घालमेल होते ही लोकतंत्र के ताने-बाने को नुकसान पहुंचता है। ध्यान रहे कि केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के खिलाफ विरोध जताने और उन्हें काले झंडे दिखाए जाने के एक दिन बाद राज्यपाल ने उक्त टिप्पणी की है।