केंद्र ने सर्वदलीय नगालैंड सरकार से एनएससीएन-आईएम को लंबित नगा राजनीतिक मुद्दे के अंतिम समाधान के लिए राजी करने को कहा है। नगालैंड के संसदीय कार्यमंत्री नीबा क्रोनू ने यह बात कही।
क्रोनू ने दावा किया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज दिल्ली में एक बैठक के दौरान एनपीआई पर नगालैंड सरकार के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को यह संदेश दिया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो और उप मुख्यमंत्री वाई पैटन ने किया। इस 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल में क्रोनू भी शामिल थे।
कोर कमेटी से मिलने का काम शाह को सौंपा
नगालैंड के संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाह को कोर कमेटी से मिलने का काम सौंपा है। यह प्रतिनिधिमंडल पिछले बुधवार से दिल्ली में है। क्रोनू ने आगे बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने कोर कमेटी का 16 जुलाई का प्रस्ताव प्रस्तुत किया और शाह से विवादास्पद मुद्दों पर फिर से गौर करने और मुद्दे का समाधान करने को कहा।
प्रतिनिधिमंडल ने याद दिलाया 'इलेक्शन फॉर सॉल्यूशन' नारा
इस प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृहमंत्री को 2018 में राज्य में हुए चुनाव में भाजपा के 'इलेक्शन फॉर सॉल्यूशन' नारे की भी याद दिलाई और उनसे अगले साल होने वाले चुनाव से पहले नगा मुद्दे पर समाधान निकालने के लिए काम करने का आग्रह किया।
अंतिम समाधान पर पहुंचने वाले प्रावधान पर दिया जोर
क्रोनू ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्ताव में एक उस प्रावधान जोर दिया जिसमें विवादास्पद मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने और एक सम्मानीय, स्वीकार्य और समावेशी अंतिम समाधान पर पहुंचने की बात कही गई है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे ये नेता
प्रतिनिधिमंडल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक अलायंस (यूडीए) के अध्यक्ष टी.आर.जेलियां, यूडीए के सह-अध्यक्ष कुझोलुजो निएनु, कैबिनेट मंत्री जी. काइटो अये, एस. पांगन्यू फोम, नीबा क्रोनू और तोंगपांग ओजुकुम, सलाहकार एच. खेहोवी थेप्थो और फुखव विधायक ख्रीहु लिजित्सु शामिल थे।
यह पूछे जाने पर कि क्या बैठक में एनएससीएन-आईएम द्वारा नगा समुदाय के लिए एक अलग झंडे और संविधान की मांग पर भी चर्चा की गई, जिसे पूरा किए बिना संगठन समाधान स्वीकार करने तैयार नहीं है, इस पर क्रोनू ने कहा कि केंद्र ने नगालैंड सरकार से अंतिम समाधान पर हस्ताक्षर करने की दिशा में एनएससीएन-आईएम को राजी करने के लिए कहा है।
एनएससीएन-आईएम के नेताओं से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल लौटने पर एनएससीएन-आईएम के नेताओं से मुलाकात करेगा और उन्हें समाधान स्वीकार करने के लिए मनाने की कोशिश की जाएगी। खबर यह भी है कि प्रतिनिधियों ने गुरुवार को नगा शांति वार्ता के लिए केंद्र के वार्ताकार ए.के. मिश्रा से मुलाकात की थी। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
अलग ध्वज और संविधान की मांग पर अड़ा है एनएससीएन-आईएम
एनएससीएन-आईएम के साथ 1997 में एक संघर्ष विराम समझौते पर हस्ताक्षर के बाद बातचीत शुरू हुई थी। 3 अगस्त 2015 को प्रारूप समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। लेकिन एनएससीएन-आईएम के एक अलग ध्वज और संविधान की मांग पर अड़े रहने के कारण अंतिम समाधान तक नहीं पहुंचा जा सका है।