सीडीएस नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू जनरल नरवणे का भी नाम आया
सरकार नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर रही है। संभावना है कि मौजूदा थलसेना अध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे इस पद पर तैनात किए जा सकते हैं। जनरल बिपिन रावत के हेलिकॉप्टर क्रैश में निधन के बाद सीडीएस पद खाली है। कई पूर्व सैन्य कमांडरों ने जनरल नरवणे को इस पद के लिए उपयुक्त बताया था, वे अप्रैल में थलसेना अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
प्रक्रिया की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि सरकार थल सेना, नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के नामों का एक छोटा पैनल बना रही है। यह पैनल सेना के तीनों अंगों की ही सिफारिश पर अगले दो से तीन दिन में बनेगा। इसे सहमति के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भेजा जाएगा। उनकी अनुमति मिलने पर नाम कैबिनेट की नियुक्ति समिति के पास विचार के लिए भेजे जाएंगे। समिति देश का अगला सीडीएस घोषित करेगी।
सूत्रों के अनुसार चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष (सीआईएससी) के चीफ ऑफ इंटिग्रेटेड डिफेंस स्टाफ इस प्रक्रिया का समन्वय करेंगे। सरकार सीडीएस नियुक्ति में वैसे ही प्रोटोकॉल अपनाएगी जो सेना प्रमुखों की नियुक्ति के लिए निर्धारित हैं।
जनरल नरवणे इसलिए
- यह कहा जा रहा है कि जनरल नरवणे को सीडीएस बनाने की संभावना उनके अब तक के प्रदर्शन की वजह से बढ़ जाती है।
- उन्होंने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ हुए तनाव को जिस ढंग से संभाला, उस पर भी विचार किया जा रहा है।
- सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों में सबसे वरिष्ठ भी हैं, एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी 30 सितंबर और चीफ एडमिरल आर हरिकुमार 30 नवंबर को अपने पदों पर नियुक्त हुए थे।
- सैन्य नीतियां बना रहे एक बड़े वर्ग को लगता है कि कम से कम थियेटर कमान बनाने की प्रक्रिया पूरी होने तक सीडीएस थल सेना से होना चाहिए।
...तो थलसेना का भी नया अध्यक्ष करना होगा नियुक्त
जनरल नरवणे सीडीएस बने तो थलसेना अध्यक्ष पद के लिए वाइस चीफ ऑफ आर्मी ले. जनरल सीपी मोहंती और उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी के नाम आगे रह सकते हैं। लेफ्टिनेंट जनरल मोहंती का नाम अपने सेवा अनुभव व एलएसी संरचना की व्यापक जानकारी की वजह से आगे रह सकता है।