स्कूलों में समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पहली बार एकेडमिक कैलेंडर जारी किया है। प्रधानाचार्य एवं शिक्षक मिलकर स्कूलों में वर्षभर पढ़ाए जाने वाले कोर्स को तय करने के साथ समय-समय पर होने वाली परीक्षाओं की कार्ययोजना तय करेंगे।
बोर्ड की ओर से जारी एकेडमिक कैलेंडर में अप्रैल से मार्च तक चलने वाले शैक्षिक सत्र के लिए कोर्स तय कर दिया है। बोर्ड के इस कदम से पढ़ाई एवं परीक्षा निर्धारित समय पर पूरी कराई जा सकेगी। कैलेंडर के बारे में शिक्षकों का कहना है कि कहने को तो यह कैलेंडर है परंतु वास्तव में यह शिक्षा व्यवस्था को ठीक करने के लिए लागू किया गया है।
सीबीएसई की एडिशनल डायरेक्टर रिसर्च एवं इनोवेशन सुगंध शर्मा के अनुसार यह कैलेंडर स्कूल एवं शिक्षकों को पूरी तरह से गाइड करेगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने कैलेंडर के जरिए पूरे वर्ष स्कूलों में होने वाले प्रोग्राम, प्रोजेक्ट एवं इवेंट के बारे में निश्चित कार्ययोजना तय करने के साथ स्कूलों में एक साथ समान कोर्स पढ़ाए जाने के साथ परीक्षाएं, असेसमेंट वर्क एवं ऐक्टविटी कराए जाने के बारे में समयबद्ध योजना जारी कर दी है।
स्कूलों में पूरे वर्ष मनाए जाने वाले महत्वपूर्ण दिवसों के बारे में एक साथ जानकारी मिल जाने के कारण विद्यालय उनके लिए कार्यक्रम तय कर सकेंगे। सीबीएसई की ओर से जारी शैक्षिक कैलेंडर विद्यालयों में होने वाले पाठ्यक्रम आधारित कार्यक्रमों को समय से पूरा करने का सख्त निर्देश है। इससे पहले बोर्ड से जुड़े स्कूल अपनी मर्जी से प्रोजेक्ट, प्रोग्राम, इवेंट के लिए अपनी सुविधानुसार कार्यक्रम तय करते थे, अब इसे समय से पूरा किया जा सकेगा।