सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि जांच एजेंसी से संबंधित अपीलों के निपटारे में लंबा समय लगता है। सीबीआई ने कहा है कि एजेंसी से संबंधित 13,200 से अधिक मामले देश भर की अदालतों में लंबित हैं, जिनमें 706 मामले शीर्ष अदालत में लंबित हैं। सीबीआई ने शीर्ष अदालत में हलफनामा दायर कर सत्र अदालतों, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित एजेंसी से जुड़ी अपीलों और अन्य याचिकाओं का ब्योरा दिया है।
सीबीआई निदेशक ने यह हलफनामा जांच एजेंसी द्वारा जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट के 2018 के एक आदेश को चुनौती देने वाले मामले में दाखिल किया है। सीबीआई ने कहा है कि यह भी अनुभव किया गया है कि सीबीआई से संबंधित अपीलों को निपटाने में लंबा समय लगता है। पिछले महीने दायर हलफनामे में दिए गए विवरण के अनुसार, शीर्ष अदालत में लंबित 218 मामले सीबीआई द्वारा दायर अपील, रिट याचिका और विभिन्न हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाएं हैं। जबकि 488 ऐसी याचिकाएं लंबित हैं जो आरोपियों द्वारा दायर की गई हैं।
हलफनामे में कहा गया है कि विभिन्न हाईकोर्ट के समक्ष 931 लंबित वैसी याचिकाएं हैं जो सीबीआई द्वारा दायर की गई हैं जबकि 11,327 ऐसे मामले हैं जो आरोपियों द्वारा दायर की गई है। सीबीआई ने देश भर की सत्र अदालतों में लंबित अपीलों का ब्योरा देते हुए कहा है कि एजेंसी ने ऐसी 45 याचिकाएं दायर की हैं जबकि आरोपियों ने 282 अपीलें दायर की हैं।
हलफनामे में कहा गया है कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 378 (3) के प्रावधान के अनुसार, यदि बरी करने के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट के समक्ष अपील की जाती है, तो हाईकोर्ट द्वारा लंबे समय बाद विचार किया जाता है।