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West Bengal: CBI ने नगरपालिका भर्ती घोटाला मामले में दर्ज की FIR, कलकत्ता HC ने 21 अप्रैल जारी किया था आदेश

Tue, 25 Apr 2023 05:02 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने उम्मीदवारों की ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी को लेकर अयान सिल और उनकी कंपनी एबीएस इन्फोजोन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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सीबीआई (सांकेतिक) - फोटो : Social media
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विस्तार
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर पश्चिम बंगाल की नगरपालिकाओं में विभिन्न पदों पर भर्ती में कथित घोटाले के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। उच्च न्यायालय ने 21 अप्रैल को आदेश जारी किया और केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अगले दिन प्राथमिकी दर्ज की। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। 

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अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने उम्मीदवारों की ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी को लेकर अयान सिल और उनकी कंपनी एबीएस इन्फोजोन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कंपनी ओएमआर शीट की छपाई में लगी हुई थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में स्कूली शिक्षकों की नियुक्तियों में रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच के दौरान नगर पालिकाओं में विभिन्न पदों पर भर्ती में कथित घोटाले की ओर इशारा किया था। 

प्रवर्तन निदेशालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी जिसने इस पर ध्यान दिया था। ईडी ने दावा किया था कि स्कूल नौकरियों में रिश्वत घोटाला मामले में शामिल अयान सिल सहित एजेंट विभिन्न नगरपालिकाओं में क्लर्क, चपरासी, सफाईकर्मी और ड्राइवरों की भर्ती में भी कथित रूप से शामिल थे। कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने नगरपालिका भर्ती घोटाला मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय ने सीबीआई को इस आदेश के आधार पर उठाए गए कदमों के बारे में 28 अप्रैल को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
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न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को निर्देश दिया था कि अगर केंद्रीय एजेंसियां अनुरोध करती हैं तो वे नगरपालिका भर्ती में कथित घोटाले की जांच में सीबीआई और ईडी की मदद करें। ईडी ने कहा था कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच के लिए विधेय एजेंसी (मतलब सीबीआई) द्वारा एक अलग प्राथमिकी की आवश्यकता होगी।

ईडी ने सीबीआई के साथ विस्तृत जानकारी भी साझा की थी और उससे नगरपालिका भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच करने का अनुरोध किया था क्योंकि कथित शिक्षक भर्ती घोटाले से अपराध की आय कथित रूप से कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले के लोगों के साथ जुड़ी हुई थी।

इस बीच, सीबीआई ने मंगलवार को शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में तृणमूल कांग्रेस के विधायक तापस साहा को तबल किया और पूछताछ की। सूत्रों के मिली  जानकारी के मुताबिक सीबीआई को जानकारी मिली है कि तापस साहा अपने पीए प्रवीर के साथ मिलकर न केवल शिक्षक भर्ती में ही लोगों को नहीं फंसाता था बल्कि डब्ल्यूबीसीएस जैसे वरिष्ठ नौकरशाह पदों पर भी परीक्षा पास कराने की गारंटी दी जाती थी। मंगलवार को तापस साहा ने अपने ही पार्टी के कुछ लोगों पर निशाना साधते हुए कहा, मैं साजिश का शिकार हूं। मुझे फंसाया जा रहा है।
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