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आरजी कर मामला: अब सीबीआई ने संजय रॉय के लिए मांगी मौत की सजा; कलकत्ता हाईकोर्ट में लगाई याचिका; 27 को सुनवाई

Fri, 24 Jan 2025 12:54 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

केंद्रीय जांच एजेंसी का प्रतिनिधित्व करने वाले डिप्टी सॉलिसिटर जनरल राजदीप मजूमदार ने कहा कि इस मामले की जांच करने वाली केंद्रीय एजेंसी को निचले अदालत के आदेश को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती देने का अधिकार है।
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कलकत्ता हाई कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले में सियालदह कोर्ट ने मुख्य आरोपी संजय रॉय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। संजय रॉय के लिए मौत की सजा की मांग करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कलकत्ता हाई कोर्ट के समक्ष एक अपील दायर की। न्यायाधीश देबांगसु बसाक की अध्यक्षता वाली पीठ ने बताया कि वे 27 जनवरी को सीबीआई की अपील पर सुनवाई करेगी।
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सीबीआई ने निचली अदालत द्वारा संजय रॉय को दी गई सजा की अपर्याप्तता के दावे पर अपनी अपील पर सुनवाई के लिए पीठ का रुख किया, जिसमें न्यायाधीश मोहम्मद शब्बर रशीदी भी शामिल थे। केंद्रीय जांच एजेंसी का प्रतिनिधित्व करने वाले डिप्टी सॉलिसिटर जनरल राजदीप मजूमदार ने कहा कि इस मामले की जांच करने वाली केंद्रीय एजेंसी को निचले अदालत के आदेश को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती देने का अधिकार है।

खंडपीठ ने बुधवार को कहा था कि राज्य सरकार द्वारा दायर अपील को स्वीकार करने पर निर्णय लेने से पहले वकीलों के माध्यम से सीबीआई, पीड़ परिवार और आरोपी को सुनेगी। सीबीआई ने मामले में अपील दायर करने के राज्य के अधिकार का विरोध करने हुए दावा किया कि वह अभियोजन एजेंसी है और उसे सजा की अपर्याप्तता के आधार पर अपील करने का अधिकार है।
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आरोपी को मिली उम्रकैद की सजा
आरजी कर मामले में सोमवार को सजा का एलान कर दिया गया था। कोर्ट ने दोपहर 2.45 बजे अपना फैसला सुनाते हुए दोषी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सियालदह अदालत ने संजय रॉय पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था। सियालदह कोर्ट के जज अनिरबन दास ने कहा कि यह दुर्लभतम मामला नहीं है। पीड़ित परिवार को उसकी मौत के लिए 10 लाख रुपये मुआवजा और 7 लाख रुपये अतिरिक्त दिया जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना नौ अगस्त की है। मृतक मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं। आठ अगस्त को अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद रात के 12 बजे उसने अपने दोस्तों के साथ डिनर किया। इसके बाद से महिला डॉक्टर का कोई पता नहीं चला। घटना के दूसरे दिन सुबह उस वक्त मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया जब चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल से अर्ध नग्न अवस्था में डॉक्टर का शव बरामद हुआ। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। जूनियर महिला डॉक्टर का शव गद्दे पर पड़ा हुआ था और गद्दे पर खून के धब्बे मिले। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतक महिला डॉक्टर के मुंह और दोनों आंखों पर था। गुप्तांगों पर खून के निशान और चेहरे पर नाखून के निशान पाए गए। होठ, गर्दन, पेट, बाएं टखने और दाहिने हाथ की उंगली पर चोट के निशान थे।
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