हिन्दुस्तान स्टीलवर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (एचएससीएल) के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मोयुख भादुरी के खिलाफ एक करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले में सीबीआई उनके खिलाफ मुकदमा चलाएगी। केंद्र सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। सीबीआई के अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोयुख भादुरी पर मणिपुर में राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय के निर्माण के दौरान एक करोड़ रुपये के रिश्वत मांगने का आरोप है।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने दो साल पहले दर्ज किए गए मामले में अब मोयुख भादुरी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि विशेष अदालत को इसकी जानकारी दे दी गई है। अब हिन्दुस्तान स्टीलवर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के पूर्व सीएमडी के खिलाफ आरोपों का संज्ञान लेने का रास्ता साफ हो गया है।
अधिकारियों ने कहा कि उनके ऊपर आरोप है कि भादुरी ने जिलियॉन इंफ्रा के अनंत सक्सेना के साथ आपराधिक षड्यंत्र रचा। सक्सेना ने वाराणसी में व्यापार केंद्र के निर्माण की निविदा देने के लिए विजय निर्माण कंपनी के एन कृष्ण राव एवं वी अजय कुमार से भादुड़ी की ओर से एक करोड़ रुपए रिश्वत मांगी थी।
सीबीआई ने मोयुख भादुरी और अन्य आरोपियों के खिलाफ 5 जनवरी को आपराधिक साजिश से संबंधित आईपीसी की धाराओं और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दायर किया था।
सीबीआई ने भादुरी के अलावा जिलिअन इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लि. के एमडी अनंत सक्सेना, विजय निर्माण कंपनी प्राइवेट लि. के एमडी वी अजय कुमार और निदेशक एन कृष्णा राव और इंफाल के एनटी एंटरप्राइजेज के अधिकारी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था। इसके अलावा केंद्रीय युवा एवं खेल मामलों के मंत्रालय में संविदा कर्मी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था।
सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि एन कृष्ण राव और वी अजय कुमार ने हैदराबाद स्थित मेसर्स माधुरी कंस्ट्रक्शंस के जरिए 50 लाख रुपए की पहली किस्त का प्रबंध किया था। मेसर्स माधुरी कंस्ट्रक्शंस के बैंक खाते से यह राशि अनंत सक्सेना की कंपनी मेसर्स जिलियन इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में 28 मई, 2015 को आरटीजीएस के जरिए डाली गई। जांच में खुलासा हुआ कि अनंत सक्सेना ने यह राशि धीरज कंचल को भेज दी।
सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने 2 जुलाई, 2020 को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद नई दिल्ली, कोलकाता, विशाखापत्तनम और हैदराबाद में तलाशी ली थी। उन्होंने कहा कि कथित भ्रष्टाचार खेल विश्वविद्यालय से संबंधित काम से संबंधित है, जिसके लिए युवा मामले और खेल मंत्रालय ने 2015 में निविदा जारी की थी।