अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील मामले में कथित घूसखोरी के आरोपी वायुसेना के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी दूसरी बार सीबीआई जांच दल के सामने पेश हुए। इटली की अदालत में डील के यूरोपीय दलाल और कंपनी के शीर्ष अधिकारी के खिलाफ आए 7 अप्रैल के फैसले केआधार पर सीबीआई ने भी अपनी जांच तेज कर दी है। इसी सिलसिले में एजेंसी ने त्यागी से लंबी पूछताछ की है। इस डील के मनी लाउंड्रिंग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने भी त्यागी को बुधवार को पेश होने का नोटिस भेजा है।
त्यागी पर आरोप है कि उन्होंने अपने तीन दलाल भाइयों के साथ सांठगांठ कर डील की शर्तों में फेरबदल किया। आरोप है कि त्यागी ने हेलीकॉप्टर की उड़ान सीलिंग 6000 मीटर से घटा कर 4500 मीटर ( 15,000 फीट ) कर दी थी ताकि अगस्तावेस्टलैंड बोली में शामिल हो सके।
हालांकि यह कहा जा रहा है कि यह फैसला एसपीजी अधिकारियों और पीएमओ से सलाह-मशविरा के बाद लिया गया। इसमें पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम.के. नारायणन भी शामिल थे। सीबीआई के पास इटली की अदालत के फैसले की एक कॉपी है और उसने इसके आधार पर त्यागी से पूछे जाने वाले सवाल तैयार किए थे। इस फैसले में कई जगह त्यागी का नाम है। त्यागी अब तक अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते रहे हैं और कहा है कि हेलीकॉप्टर सौदे में फैसला अधिकारियों के समूह के कहने पर लिया गया।
3600 करोड़ के इस डील के मामले में दर्ज एफआईआर में त्यागी और उनके भाइयों समेत 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस डील के मनी लाउंड्रिंग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने भी त्यागी को बुधवार को पेश होने का नोटिस भेजा है।