केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने बुधवार शाम को मुंबई एयरपोर्ट के बाहर से एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। इस व्यक्ति ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ फिरौती के मामले के संबंध में शुरुआती जांच को कथित तौर पर प्रभावित किया था। हिरासत में लिया गया व्यक्ति देशमुख की कानूनी टीम में शामिल था।
समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार 29 अगस्त को अनिल देशमुख के मामले में सीबीआई की ओर से की गई प्राथमिक जांच से संबंधित एक कथित रिपोर्ट मीडिया में लीक हो गई थी। इस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि एजेंसी का निष्कर्ष है कि अनिल देशमुख की ओर से कोई संज्ञेय अपराध नहीं किया गया है।
वहीं, सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने अपनी आंतरिक जांच में पाया है कि देशमुख की कानूनी टीम ने एक निचले स्तर के सीबीआई अधिकारी को रिश्वत दगेने की कोशिश की थी। सूत्रों ने कहा कि जो इस मामले में संलिप्त रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले में और लोगों की संलिप्तता जानने के लिए जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि देशमुख गलत कार्यों में लिप्त रहे हैं। परमबीर सिंह ने आरोप लगाया है कि देशमुख ने मुंबई पुलिस के बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे से हर महीने 100 करोड़ रुपये एकत्र करने के लिए कहा था।
सीबीआई ने अनिल देशमुख को कथित तौर पर क्लीन चिट देने वाली प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों के लीक होने की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि देशमुख के खिलाफ 11 मई को मामला दर्ज किया गया था। इससे पहले सीबीआई ने अप्रैल में देशमुख के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज करते हुए उनके चार परिसरों पर छापेमारी की थी।