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सीबीआई की कार्रवाई: टीएमसी नेता प्रणब चटर्जी को किया गिरफ्तार, 3.74 करोड़ के चिटफंड घोटाले का मामला

Fri, 10 Dec 2021 10:44 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चिटफंड घोटाले के एक मामले में सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता प्रणब चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया।
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सीबीआई - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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तृणमूल कांग्रेस के वेता और बर्दवान नगर पालिका के चेयरमैन प्रणब चटर्जी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने चटर्जी के खिलाफ यह कार्रवाई एक ट्रस्ट की ओर से चलाई जा रही चिटफंड योजना से कथित तौर पर 3.74 करोड़ रुपये का गबन करने के मामले में की है। चटर्जी को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया और आसनसोल की सक्षम अदालत के सामने पेश किया गया। अदालत ने उन्हें दो दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा है।

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सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि कथित तौर पर सनमर्ग वेलफेयर संगठन की ओर से संचालित इस चिटफंड योजना की तीन साल लंबी जांच के दौरान इसमें प्रणब चटर्जी की कथित भूमिका सामने आई थी। इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर में प्रणब चटर्जी का नाम नहीं था। इस मामले की जांच के दौरान सीबीआई को पता चला था कि प्रणब चटर्जी सनमर्ग वेलफेयर संगठन ट्रस्ट और इसके ट्रस्टियों के साथ काफी नजदीकी से जुड़े हुए थे।

ट्रस्ट के पंजीकरण से जुड़े हुए थे प्रणब चटर्जी
चटर्जी कथित तौर पर ट्रस्ट के पंजीकरण से जुड़े हुए थे। उन्होंने ट्रस्ट को अपने व्यावसायिक परिसर से अवैध जमा संग्रह के व्यवसाय को चलाने की अनुमति दी थी। सीबीआई के प्रवक्ता आरसी जोशी ने इसे लेकर बताया कि एजेंसी की जांच के दौरान यह आरोप भी लगा था कि आरोपी (चटर्जी) ने अन्य के साथ साजिश रच कर इस ट्रस्ट से 3.74 करोड़ रुपये की राशि का विभिन्न तरीकों के जरिए अपने निजी इस्तेमाल के लिए दुरुपयोग किया था। 
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सीबीआई ने एफआईआर में लगाए ये आरोप
सीबीआई ने अपनी एफआईआर में आरोप लगाया है कि आरोपी सनमर्ग वेलफेयर संगठन के चेयरमैन सौम्यरूप भौमिक और अन्य ने जनता को अपनी योजना में निवेश करने के लिए बिना दिक्कत के उच्च ब्याज दर का वादा करते हुए लालच किया। सीबीआई ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चिटफंड घोटालों की जांच अपने हाथ में ले ली थी। एजेंसी ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट की ओर से नौ मई 2014 को दिए गए निर्देश के आधार पर उठाया था।

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