आयकर रिटर्न में संशोधन के प्रस्ताव का दुरुपयोग करने की कोशिश करने वाले असेसियों को सख्त चेतावनी देते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बुधवार को कहा कि पहले दिखाई गई आय में संशोधन करने के लिए फॉर्म में अनुचित बदलाव करने वालों के विरुद्ध जांच और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सीबीडीटी ने कहा कि आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद कुछ करदाता प्रावधान का दुरुपयोग करते हुए आय में हेरफेर करने के लिए पिछले असेसमेंट वर्ष के लिए दाखिल किए गए रिटर्न में संशोधन कर सकते हैं और इस तरह का बदलाव वे वर्तमान वित्त वर्ष की अघोषित आय को पुराने रिटर्न में दिखाने की नीयत से कर सकते हैं।
बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि संशोधित रिटर्न दाखिल करने का प्रावधान मूल रिटर्न में रह गए किसी चूक या गलत बयानी में संशोधन के लिए बनाया गया है, न कि पहले घोषित आय में बड़े और अनुचित बदलावों के लिए।
बोर्ड ने साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आयकर विभाग किसी पिछले वर्ष के आयकर रिटर्न में दर्शाई गई आय में हेरफेर पाएगा, तो ऐसे मामलों की जांच की जाएगी।
बोर्ड ने कहा कि रिटर्न में संशोधन से आय, पास में मौजूद नकदी, लाभ आदि में हेराफेरी किए जाने का पता चलने पर संबंधित वर्ष की सही आय तय करने के लिए जांच की जाएगी और कानून के मुताबिक कार्रवाई भी की जाएगी।