आंगनबाड़ियों में सशर्त नकद हस्तांतरण योजना के पायलट प्रोजेक्ट पर सहमति बन गई है। इसके लिए राजस्थान और उत्तर प्रदेश के दो-दो ब्लॉक का चयन हुआ है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं और छह साल से कम आयु के बच्चे को स्तनपान कराने वाली माताओं को राशन के बजाए नकद राशि मिलेगी। यह फैसला पोषण अभियान की समीक्षा बैठक में हुआ है। इसमें नीति आयोग, महिला एवं बाल विकास, पंचायती राज, रिन्यूबल एनर्जी, राष्ट्रीय स्वास्थ और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शिरकत की।
योजना के लिए राजस्थान के चाकसू वकिशनगंज ब्लॉक और उत्तर प्रदेश के चिनहट और खैराबाद ब्लॉक को चुना है। आंगनबाड़ी और शिशु कल्याण केंद्र द्वारा छह साल तक के बच्चों को रोज आठ रुपये और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माता को साढ़े नौ रुपये दिए जाएंगे। इस योजना का मसौदा राजस्थान और यूपी ने तैयार किया है।
सूत्रों ने बताया, योजना को अमलीजामा पहनाने और खामियों को दुरुस्त करने के लिए नीति आयोग ने एक समिति बनाई है। इसकी जिम्मेदारी भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद को दी है।
राष्ट्रीय पोषण परिषद ने की थी सिफारिश
पिछले साल राष्ट्रीय पोषण परिषद ने महिला-बाल विकास मंत्रालय को सशर्त नकद हस्तांतरण की सिफारिश कर इसका पायलट प्रोजेक्ट चलाने को कहा था। इसमें यह देखना था कि क्या सार्वजनिक वितरण प्रणाली का भ्रष्टाचार रुक सकता है। क्या राशन के बजाए नकदी ज्यादा मुफीद माध्यम होगा।