देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर के अब संकेत मिलने लगे हैं। केरल में संक्रमण के लगातार सामने आ रहे मामलों में तेजी से उछाल आया है जिसके चलते केंद्र ने तत्काल उच्च स्तरीय टीम को रवाना किया है।
दिल्ली से रवाना हुई इस छह सदस्यीय टीम में नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिंह को अध्यक्ष बनाया है। अगले तीन दिन में टीम से रिपोर्ट सौंपने के आदेश भी दिए जा चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी।
उधर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि 30 जुलाई को टीम केरल के कुछ कोरोना प्रभावित जिलों का दौरा करेगी और वहां बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी देगी।
इसके अलावा टीम अपनी पूरी रिपोर्ट राज्य और केंद्र सरकार दोनों के साथ साझा करेगी। आंकड़ों का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश के कुल सक्रिय मामलों में 37.1 फीसदी हिस्सेदारी केरल की है। यहां 1.54 लाख से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है।
बीते सात दिन में यहां सक्रिय मामलों में 1.41 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। अगर रोजाना संक्रमित मिलने वाले औसतन नए मरीजों की बात करें तो इनकी संख्या 17,443 है जबकि संक्रमण दर 12.93 फीसदी तक पहुंच गई है। जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 11.97 फीसदी है। केरल के छह जिलों में फिलहाल ऐसी स्थिति है कि यहां रोजाना 10-10 फीसदी से ज्यादा सैंपल कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं।
केरल में बढ़ते कोरोना संक्रमण का असर अन्य राज्यों में भी मामूली रुप से दिखाई पड़ रहा है। एक तरफ महाराष्ट्र में इन मामलों को लेकर उतार-चढ़ाव जारी है। वहीं उत्तर प्रदेश और मणिपुर सहित कुछ राज्यों में भी नए मामले बढ़े हैं।
दरअसल बीते मार्च, अप्रैल और मई में कोरोना महामारी की दूसरी लहर आई थी। 10 मई को इसका पीक गुजरने के बाद नई लहर को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। आईसीएमआर का अनुमान था कि अगस्त में तीसरी लहर दिखाई दे सकती है। जबकि केंद्र सरकार के ही सुपर मॉडल के अनुसार तीसरी लहर अक्तूबर से नवंबर के बीच देखने को मिल सकती है।
स्वास्थ्य डाटा विशेषज्ञ प्रो. रिजो एम जॉन के अनुसार हालात ऐसे हैं कि पिछले 51 दिन से देश में औसतन 40 हजार से अधिक दैनिक मामले सामने आ रहे हैं। इससे साफ पता चलता है कि दूसरी लहर से बाहर आने के बाद भी देश में रोजाना संक्रमित मरीजों की संख्या एक पैमाने पर आकर रुक सी गई है जिसमें कभी भी उछाल आ सकती है।