पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में टीएमसी नेता शाहजहां शेख की ठिकानों पर की छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों पर किए गए हमले की जांच को राज्य पुलिस से सीबीआई को स्थानांतरित करने की प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को आदेश सुरक्षित रख लिया। मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई ईडी, राज्य और सीबीआई की दलीलों के बाद खत्म हुई।
सीबीआई से बचाने के लिए गिरफ्तारी- राजू
स्थानांतरण आवेदन में राज्य पुलिस पर पक्षपातपूर्ण होने का आरोप लगाते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा शाहजहां शेख को जानबूझकर गिरफ्तार किया था, भले ही कुछ वर्षों से उनके खिलाफ 40 से अधिक अन्य मामले लंबित हैं। राजू ने दावा किया कि ऐसा शाहजहां शेख को सीबीआई हिरासत से बचाने के लिए किया गया है। भले ही हमले की जांच उसे स्थानांतरित कर दी गई हो, क्योंकि किसी मामले में किसी आरोपी की अधिकतम पुलिस हिरासत अवधि 15 दिन है।
ईडी को राज्य पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं- राजू
शाहजहां शेख की गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच बशीरहाट पुलिस से लेकर सीआईडी को सौंप दी थी, जो अब सीआईडी की पुलिस रिमांड में है। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि ईडी को राज्य पुलिस से जुड़ी संयुक्त जांच पर भरोसा नहीं है, क्योंकि शेख सत्तारूढ़ दल के एक प्रमुख नेता और प्रभावशाली व्यक्ति हैं।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि राज्य के एक मंत्री को कथित राशन वितरण घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसके संबंध में ईडी पांच जनवरी को उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखली में शेख के परिसर की तलाशी लेने गई थी, उस दौरान हमला किया गया था।