पीठ में शामिल जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य ने कहा कि संजय दास ने याचिका में अपने बारे में गलत बयान दिए थे। इसके साथ ही उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने इस अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने भाजपा द्वारा बुलाए गए 12 घंटे बंगाल बंद के खिलाफ एक याचिका को खारिज कर दिया। दरअसल, याचिकाकर्ता को पिछले आदेश में अदालत के समक्ष पीआईएल दायर करने से हमेशा के लिए रोक दिया गया था। हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील होने का दावा करने वाले याचिकाकर्ता संजय दास ने बंद को अवैध घोषित करने की मांग की थी। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली पीठ ने पीआईएल को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने पहले आदेश में संजय दास को किसी भी याचिका को पेश करने से हमेशा के लिए रोक दिया था।
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इस पीठ में शामिल जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य ने कहा कि संजय दास ने याचिका में अपने बारे में गलत बयान दिए थे। इसके साथ ही उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने इस अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है। मुख्य न्ययाधीश के कार्यालय को धमकाने की कोशिश की। अपने बारे में गलत बयान दिए। अदालत ने जुर्माने के साथ याचिका खारिज कर दी।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के विरोध में देशभर नाराजगी है। इस बीच बीते दिन राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ तक प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के प्रयासों के दौरान कई स्थानों पर पुलिस के साथ झड़पें हुईं। कोलकाता और हावड़ा की सड़कों पर बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। राज्यभर में 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके विरोध में भाजपा की बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने 12 घंटे के 'बंगाल बंद' का आह्वान किया है।