कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को मुहर्रम पर ढोल बजाने और लाउडस्पीकर बजाने को लेकर दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है। गुरुवार को कोर्ट ने मामले की सुनावई करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी तरह से कानून का उल्लंघन नहीं हो, इसके लिए नोटिस जारी करने को कहा है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल पुलिस को आगामी मुहर्रम त्योहार के दौरान ड्रम बजाने को विनियमित करने का आदेश दिया, जबकि यह देखते हुए कि त्योहार मनाने के लिए लगातार ड्रम बजाना अस्वीकार्य है। कोई भी धार्मिक सिद्धांत इसकी अनुमति नहीं देता है।
मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने राज्य सरकार की इस दलील को मानने से इनकार कर दिया कि मुहर्रम त्योहार के दौरान ढोल बजाना धार्मिक गतिविधियों का हिस्सा हो सकता है।
पीठ ने आदेश दिया, हालांकि, ढोल बजाने की बेरोकटोक अनुमति नहीं है। यदि याचिकाकर्ता जो कहता है वह सच है, तो यह निस्संदेह अवैध है और संबंधित नियमों के विपरीत है। इसलिए, पुलिस को ढोल बजाने के समय को विनियमित करने के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
पीठ ने कहा, यह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कर्तव्य है कि वह किसी भी धार्मिक त्योहार, राजनीतिक रैली या मण्डली से पहले सार्वजनिक नोटिस जारी करे। इससे नागरिकों को ध्वनि प्रदूषण को रोकने वाले प्रासंगिक नियमों के बारे में जागरूक किया जा सके।