कोर्ट ने यह आदेश भी दिया कि पश्चिम बंगाल सरकार 24 घंटे के अंदर सागर द्वीप को अधिसूचित क्षेत्र घोषित करने पर फैसला करे। इससे राज्य को यह अधिकार मिल जाएगा कि वह तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और भलाई के लिए जरूरी कदम उठा सके।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने गंगासागर मेले के आयोजन की सशर्त अनुमति दे दी है। मेले की शुरुआत आठ जनवरी से होनी है। कोर्ट ने मेले के दौरान कोरोना के प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने और कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने एक समिति के गठन का भी आदेश दिया है, जो स्वास्थ्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की सूरत में सागर द्वीप में प्रवेश प्रतिबंधित करने की अनुशंसा राज्य सरकार से करेगी।
विज्ञापन
इसके साथ ही कोर्ट ने यह आदेश भी दिया कि पश्चिम बंगाल सरकार 24 घंटे के अंदर सागर द्वीप को अधिसूचित क्षेत्र घोषित करने पर फैसला करे। इससे राज्य को यह अधिकार मिल जाएंगे कि तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और भलाई के लिए कदम उठा सके। मौजूदा हालात में यह जरूरी भी है।
हाई कोर्ट ने ममता सरकार की ओर से बताए गए उपायों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 3 सदस्यीय समिति का भी गठन किया है। इसमें बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता या उनके प्रतिनिधि, बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और राज्य के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने मेले के दौरान लोगों को गंगा में डुबकी लगाने की बजाय ई-स्नान को प्रोत्साहित करने की अपील की।
विज्ञापन
चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य के गृह सचिव को निर्देश दिए कि वे मेले के दौरान कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन कराएं। वे सुनिश्चित करें कि 8 से 16 जनवरी के बीच होने वाले मेले के दौरान राज्य सरकार की ओर से बनाए गए नियमों का उल्लंघन न होने पाए।
इससे पहले कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से गंगासागर मेले को टालने के लिए कोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका दायर की गई थी। डॉ. भनिनंदर मंडल की ओर से याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने कहा था कि मेले में बड़ी संख्या में भीड़ जुटती है। इससे संक्रमण का खतरा और भी गहरा हो जाएगा।