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कलकत्ता हाईकोर्ट: पूर्व टीएमसी विधायक अबरुल इस्लाम को अदालत से मिली जमानत, हत्या का प्रयास और आगजनी का था आरोप

Tue, 02 Jul 2024 10:27 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि मुकदमे के जल्द पूरा होने की कोई उम्मीद नहीं है और मुकदमे के लंबित रहने तक आरोपी को हिरासत में रखना ठीक नहीं है। इसके बाद पूर्व टीएमसी विधायक अबरुल इस्लाम को जमानत दी गई।
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कलकत्ता हाईकोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक अबरुल इस्लाम को जमानत दे दी। पूर्व विधायक के खिलाफ वर्ष 2023 में पंचायत चुनाव के दौरान  हत्या का प्रयास और आगजनी का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में अबरुल इस्लाम को 2 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने अबरुल को जमानत देते हुए कहा कि मुकदमे के लंबित रहने तक किसी आरोपी को हिरासत में रखना ठीक नहीं है। 

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मुकदमे के जल्द पूरा होने की उम्मीद नहीं- हाईकोर्ट
उच्च न्यायालय ने कहा कि पूर्व विधायक ने काफी समय हिरासत में बिताया है। इस मामले में पहले ही आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। अदालत ने कहा कि मुकदमे के जल्द पूरा होने की कोई उम्मीद नहीं है और मुकदमे के लंबित रहने तक आरोपी को हिरासत में रखना ठीक नहीं है। इसके बाद अदालत ने जमानत का आदेश दिया। 

अदालत ने इन शर्तों पर दी जमानत
न्यायमूर्ति अरिजित बनर्जी और प्रसन्नजीत बिस्वास की पीठ ने दो लाख रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त जमानत देने का आदेश दिया। अदालत ने इसके साथ ही कहा कि मुकदमे के खत्म होने तक अबरुल इस्लाम को बिजॉयगंज पुलिस स्टेशन में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। अदालत ने यह निर्देश भी दिया कि तब तक पूर्व टीएमसी विधायक को सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा। इसके अलावा वह किसी भी समय पूछताछ के लिए पुलिस के समक्ष मौजूद रहेंगे। उन्हें कहीं बाहर जाने पहले ट्रायल कोर्ट से अनुमति लेनी पड़ेगी। अदालत ने यह भी कहा कि अबरुल इस्लाम पीड़ित के घर की परिधि से 200 मीटर दूर रहेंगे। 
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अबरुल इस्लाम पर क्या था आरोप
अबरुल इस्लाम को हत्या की कोशिश और आगजनी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दरअसल, पिछले वर्ष जून महीने में पंचायत चुनाव में नामांकन भरने के दौरान उनकी समर्थकों और इंडियन सेक्युलर फ्रंट के समर्थकों के बीच झड़प हो गई थी। 

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