महालेखा नियंत्रक परीक्षक (कैग) ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत राफेल सौदे की ऑडिट रिपोर्ट का खुलासा करने से इनकार कर दिया है। कैग ने कहा है कि अभी प्रक्रिया चल रही है और इसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इस हालात में रिपोर्ट के बारे में जानकारी देना संसद का विशेषाधिकार हनन होगा।
रिपोर्ट की जानकारी पुणे निवासी आरटीआई कार्यकर्ता विहार दुर्वे ने चाही थी। कैग ने राफेल सौदे की ऑडिट से संबंधित किसी भी सरकारी विभाग या राजनीतिक पार्टी के साथ हुए पत्राचार की जानकारी देने से भी यह कहते हुए इनकार कर दिया कि यह गोपनीय है। साथ ही बताया कि ऑडिट वायुसेना में आधिकारिक प्रमुख अंकेक्षण अधिकारी द्वारा की गई है और इसे राष्ट्रीय अंकेक्षक के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया है।