प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कई अहम निर्णय लिए गए। इस दौरान नेशनल क्वांटम मिशन को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि नेशनल क्वांटम मिशन के लिए मंजूरी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने दी है। इसके लिए 6,003 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है। 2023-24 से 2030-31 तक का इसकी समयसीमा है।
इस दौरान सिनेमेटोग्राफ एक्ट 2023 पर भी बड़ा फैसला लिया गया। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि फिल्म जगत, कलाकारों और प्रशंसकों से जुड़ा हुआ निर्णय लिया गया है। बहुत समय से मांग थी कि पायरेसी पर कुछ किया जाए। आज कैबिनेट ने अनुमति दी है कि संसद के आने वाले सेशन में सिनेमेटोग्राफ एक्ट 2023 लाया जाएगा।
क्या है राष्ट्रीय क्वांटम मिशन?
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कई क्रांतिकारी कार्य किए हैं। यह मिशन इस दिशा में एक बड़ा कदम है। आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे बड़े पक्षकारों में शामिल है, जहां क्वांटम से जुड़ी सूचनाओं का संवर्द्धन महत्वपूर्ण होता है। इस मिशन के तहत सूचनाओं का संवर्द्धन तेज होगा और इन्हें अधिक विश्वसनीय बनाया जा सकेगा। इस कदम से भारत छह देशों की साथ खड़ा हो गया है, जिनके पास इस तरह की क्षमता है। इन देशों में अमेरिका, कनाड़ा, फ्रांस, आस्ट्रिया, फिनलैंड और चीन शामिल हैं।
रक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, फार्मा, संचार और ऊर्जा क्षेत्रों में मिलेगी मदद
क्वांटम तकनीक में सामान्य कंप्यूटर से कई गुना अधिक डाटा कई गुना कम समय में प्रोसेस किया जा सकता है। इस तकनीक का स्वास्थ्य, फार्मा, संचार, रक्षा, ऊर्जा और डाटा सुरक्षा क्षेत्र में व्यापक उपयोग हो सकता है। यह मिशन सटीक समय, संचार व नेविगेशन के लिए परमाणु प्रणालियों और परमाणु घड़ियों में उच्च संवेदनशीलता से लैस मैग्नेटोमीटर विकसित करने में मदद करेगा। यह क्वांटम उपकरणों के निर्माण के लिए सुपरकंडक्टर्स, नवीन सेमीकंडक्टर संरचनाओं और सांस्थितिक (टोपोलॉजिकल) सामग्रियों आदि जैसी क्वांटम सामग्रियों के डिजाइन और संश्लेषण में भी सहायता करेगा। इसके तहत क्वांटम संचार, संवेदन और मौसम विज्ञान संबंधी अनुप्रयोगों के लिए एकल फोटॉन स्रोत/डिटेक्टर और उलझे हुए फोटॉन स्रोत भी विकसित किए जाएंगे।
यू/ए श्रेणी के तहत बनेगी अब तीन उपश्रेणी
2019 में इसे राज्यसभा में पेश करने के बाद संसद की स्थायी समिति को भेजा गया था। सरकार ने स्थायी समिति के साथ ही इससे जुड़े सभी पक्षों की राय के बाद इस कानून का मसौदा तैयार किया है। सिनेमैटोग्राफी संशोधन बिल 2023 के तहत यू/ए श्रेणी में अब तीन नई उपश्रेणी यू/ए 7प्लस, यू/ए 13प्लस, यू/ए16 प्लस होंगी। इसका अर्थ है कि अब सात साल, 13 साल और 16 साल से ज्यादा उम्र के दर्शकों के लिए अलग-अलग उपश्रेणी होगी। पहले यू/ए प्रमाणित किसी फिल्म को 12 साल से कम उम्र के बच्चे अपने माता-पिता के साथ ही देख सकते थे। अब नई उपश्रेणी की व्यवस्था के बाद इस क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन होगा। वर्तमान में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) फिल्म को यू, यू/ए, ए और एस श्रेणी के चार अलग-अलग प्रमाण पत्र देता है। यू श्रेणी की फिल्म को सभी वर्गों के दर्शक देख सकते हैं। ए श्रेणी की फिल्म महज वयस्क और एस श्रेणी की फिल्म विशेष वर्ग के लिए होती है।