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Bulli Bai App Case: नीरज बिश्नोई समेत तीन आरोपियों को मिली जमानत, बिना आदेश के विदेश जाने पर लगी रोक

Wed, 22 Jun 2022 09:31 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मुंबई की अदालत ने बुल्ली बाई मामले में तीन आरोपियों को जमानत दे दी है। मामले के सभी छह आरोपी अब जमानत पर बाहर हैं।
 
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बुल्ली बाई एप के आरोपी(फाइल) - फोटो : Social media
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विस्तार
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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की एक अदालत ने बुल्ली बाई एप बनाने वाले आरोपी नीरज बिश्नोई और दो अन्य को जमानत दे दी है। आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी गई। अदालत में सुनवाई के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एबी शर्मा ने मंगलवार को नीरज बिश्नोई, ओंकारेश्वर ठाकुर और नीरज सिंह को जमानत दे दी। तीनों आरोपियों को अदालत की अनुमति के बिना विदेश यात्रा करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है और उन्हें हर महीने एक बार पुलिस के सामने पेश होने का भी निर्देश दिया गया है।

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जानिए क्या है 'बुल्ली बाई' एप विवाद?
1. बुल्ली बाई(Bulli Bai App) लोगों को बरगलाने और वित्तीय लाभ कमाने के लिए देश भर में एक संदिग्ध समूह (उनमें से अधिकांश की पहचान अभी बाकी है) द्वारा विकसित एक एप है।
2. एप को बनाने के पीछे का मकसद भारतीय महिलाओं (ज्यादातर मुस्लिम) की नीलामी के लिए रखना और बदले में पैसा कमाना है।
3. 'बुल्ली बाई' एप माइक्रोसॉफ्ट के मालिकाना हक वाली ओपन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट साइट GitHub पर बनाया गया था।
4. बुल्ली बाई जैसी घटनाओं में, साइबर अपराधी इंटरनेट से लोकप्रिय महिलाओं, सेलेब्स, प्रभावशाली लोगों, पत्रकारों आदि की तस्वीरें लेते हैं और उनका उपयोग अपने वित्तीय लाभ के लिए करते हैं।
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5. ये ऑनलाइन स्कैमर्स सोशल मीडिया अकाउंट से इन महिलाओं की तस्वीरें चुराते हैं और उन्हें प्लेटफॉर्म पर लिस्ट कर देते हैं। इसलिए इन महिलाओं को हमेशा अपनी प्रोफाइल को लॉक करके रखना चाहिए या अपनी प्रोफाइल को प्राइवेट रखना चाहिए।
6. एप पर प्रोफाइल में पीड़ितों की फोटो और दूसरे पर्सनल डिटेल शामिल थे, जो महिलाओं की सहमति के बिना बनाई गई और शेयर किए जा रहे थे।
7. ट्विटर पर बुल्ली बाई एप से कई पोस्ट शेयर होने के तुरंत बाद, सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऐसे अपमानजनक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया।

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