बाबू सपल्या इलाके में भारी बारिश के बीच इमारत ढह गई। इमारत ढहने के बाद आग लग गई। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई। बचाव टीमों ने 14 मजदूरों को मलबे से निकाला है। जबकि पांच मजदूर लापता हैं। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का दावा है कि घटनास्थल पर अवैध गतिविधियां हो रही थीं। सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
बंगलूरू पूर्व के बाबू सपल्या इलाके में भारी बारिश के बीच निर्माणाधीन इमारत ढह गई। इमारत के मलबे में 20 मजदूर फंस गए। इसमें एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान 26 वर्षीय अरमान के रूप में हुई है। मौके पर पहुंची बचाव टीमों ने 14 मजदूरों को बचा लिया, जबकि पांच लोग लापता हैं। बुधवार सुबह तक भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहने की तस्वीरें सामने आईं। स्थानीय राहत और बचाव दल मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए कड़ी मशक्कत करते दिखे।
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डिप्टी सीएम का दावा- अवैध गतिविधियां हो रही थीं, कार्रवाई करेगी सरकार
हादसे के बारे में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने घटनास्थल पर हादसे की जानकारी लेने के बाद दावा किया कि अवैध गतिविधियां चल रही थीं और वह मालिक और सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा, 'मुझे बताया गया कि जिस जगह हादसा हुआ, यहां काम करने की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। अवैध गतिविधियां चल रही थीं। हम मालिक, ठेकेदार और सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। सभी अवैध निर्माण तुरंत रोक दिए जाएंगे...ठेकेदार, मेरे अधिकारी और यहां तक कि संपत्ति के मालिक सभी पर कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।'
बचाव टीमों ने 14 मजदूरों को मलबे से निकाला
इससे पहले बंगलूरू पूर्व के डीसीपी डी देवराजा ने बताया कि बाबू सपल्या इलाके में भारी बारिश के बीच इमारत ढह गई। इमारत ढहने के बाद आग लग गई। इसमें 20 मजदूर फंस गए। जबकि एक मजदूर की मौत हो गई। बचाव टीमों ने 14 मजदूरों को मलबे से निकाला है। जबकि पांच मजदूर लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है। मौके पर एनडीआरएफ की टीम ने डॉग स्कवायड के साथ बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
जमींदोज हुई इमारत सात मंजिला थी
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घटनास्थल पर मौजूद एक युवक ने बताया कि यह सात मंजिला इमारत थी। दोपहर एक बजे जब घटना हुई तो यहां करीब 20 लोग थे। हमारे सात लोग यहां काम कर रहे थे, उनमें एक की मौत हो गई। जबकि तीन अन्य घायल हो गए। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं देर रात डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान का जायजा लिया।
भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
सोमवार रात से भारी बारिश के चलते पूरे बंगलूरू में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई सड़कें जलभराव की वजह से बंद हैं और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने सड़कों पर नौकाएं उतार दी हैं। बंगलूरू की कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे यातायात और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं सोमवार को बंगलूरू में 56 वर्षीय महिला की खुले मेनहॉल में गिरने से मौत हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बंगलूरू ग्रामीण इलाके में मंगलवार सुबह तक 176 एमएम बारिश हो चुकी है। वहीं बंगलूरू शहरी इलाके में 157 एमएम बारिश हुई है। बारिश और जलभराव के चलते शहर के स्कूल बंद रखे गए हैं।