केंद्रीय बजट आंध्र प्रदेश के पक्ष में है कि इस आरोप को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस शासन के दौरान पारित राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत की गई प्रतिबद्धता को पूरा करता है।
गुजरात भाजपा द्वारा बजट पर आयोजित सम्मेलन में शनिवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहुंचे। यहां उन्होंने उस आरोप का खंडन किया जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि केंद्रीय बजट आंध्र प्रदेश के पक्ष में है। हरदीप सिंह पुरी से विपक्ष के इस आरोप के बारे में पूछा गया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया बजट से केवल बिहार और आंध्र प्रदेश को फायदा दे रहा है। विपक्ष का आरोप है कि ये राज्य जदयू और टीडीपी द्वारा शासित राज्य हैं। ये केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के प्रमुख सहयोगी हैं। उन्होंने आरोपों का खंडन करते हुए कहा, "उनसे पूछिए कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम पर किसने हस्ताक्षर किए? यह कांग्रेस सरकार थी। यह आपकी प्रतिबद्धता है। हम आपकी प्रतिबद्धता को पूरा कर रहे हैं।"
बता दें कि वर्ष 2014 के अधिनियम ने तत्कालीन आंध्र प्रदेश को विभाजित कर दिया। जिससे एक अन्य राज्य तेलंगाना बना। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पीएम मोदी ने मुंबई दौरे के दौरान महाराष्ट्र के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा की। इसमें 76,000 करोड़ रुपये की बंदरगाह परियोजना भी शामिल है। इससे 10 लाख नौकरियां पैदा होंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बजट का लक्ष्य पूर्वोदय है, जिससे केवल बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा तीनों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि आपदा न्यूनीकरण के लिए हिमाचल प्रदेश को 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैं यह इसलिए नहीं कह रहा हूं कि मैं भाजपा कार्यकर्ता हूं और मोदी की टीम का सदस्य हूं। हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि गुजरात को भी लाभ हुआ। जहां 2004-14 के दौरान बजटीय कर हस्तांतरण 59,981 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,32,098 करोड़ रुपये हो गया है, जो 287 प्रतिशत की वृद्धि है। उन्होंने कहा कि इसी अवधि में अनुदान सहायता 42,865 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,88,487 करोड़ रुपये हो गई, जो 340 प्रतिशत की वृद्धि है। उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य 2030 के बजाय 2025 तक 20 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य हासिल करना है। बजट में युवाओं, कौशल और रोजगार पर भी जोर दिया गया है। साथ ही वित्त मंत्री ने भाषण में जो घोषणा की उसके अनुसार 4 करोड़ युवाओं को नौकरी तथा एक करोड़ को इंटर्नशिप प्रदान करने की योजना पर काम किया जा रहा है।