फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बजट पर किसने क्या कहा?: ममता बोलीं- 'पेगासस' स्पिन बजट, थरूर बोले- मुझे आम लोगों की हो रही चिंता

Tue, 01 Feb 2022 02:12 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के बाद राहुल गांधी, ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेताओं ने निराशा जताई है।  
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के बाद अब नेताओं की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। विपक्ष के कुछ नेताओं ने जहां बजट को शून्य बताया है तो कइयों ने इसे आम जनता के खिलाफ बताया। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के सभी नेताओं ने इस बजट की तारीफ की है। आइए जानते हैं बजट पर किस नेता ने क्या कहा...

विज्ञापन


ममता बनर्जी

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए इसे एक पेगासस स्पिन बजट बताया। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और महंगाई से कुचले जा रहे आम लोगों के लिए बजट शून्य है। सरकार बड़े शब्दों में खो गई है, जिसका कोई मतलब नहीं है।

शशि थरूर
बजट भाषण के बाद कांग्रेस नेता शशि थरूर की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। शशि थरूर ने कहा कि बहुत स्पष्ट है कि जहां तक डिजिटल मुद्रा का संबंध है, सरकार उस दिशा में सही कदम बढ़ा रही है और मैं इसकी आलोचना नहीं करूंगा। लेकिन इस बजट से आम लोगों के लिए मेरी चिंता बढ़ गई है। 
विज्ञापन


ये अमीरों का बजट: मल्लिकार्जुन खड़गे
कांग्रेस नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इस साल का बजट सिर्फ अमीरों का बजट है, इसमें गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है। पहले उन्होंने जो चीजें कही थीं, उसे दुबारा दोहराया है। उन्होंने कॉरपोरेट टैक्स घटाया, ये अमीरों का बजट है। 

बजट में जो दिखाया जाता है उतना फायदा नहीं होता: टिकैत
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि बजट का कुछ न कुछ फायदा होता है लेकिन जितना दिखाया जाता है उतना फायदा नहीं होता, दिखाते ज्यादा हैं और मिलता कम है। हमने कहा MSP गारंटी कानून बना दें, इस कानून से कम कीमत में फसलों की खरीद बंद होगी।

MSME पर बहुत फोकस: अमिताभ कांत
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि इस बजट ने शहरीकरण और MSME पर बहुत फोकस किया है, MSME की क्रेडिट गारंटी स्कीम को 4.5 लाख करोड़ से बढ़ाकर 5 लाख करोड़ कर दिया गया है। पर्यटन क्षेत्र पर बहुत फोकस किया गया है। 

बजट जनता के हित में: योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बजट में महिला सशक्तिकरण और उनके उन्नयन के लिए मिशन शक्ति के साथ-साथ अनेक कार्यक्रम प्रारंभ करने का प्रावधान है। राज्यों को 50 वर्षों तक बिना ब्याज के ऋण की सुविधा देने का प्रावधान व वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। 

मुझे खुशी है कि नए राष्ट्रीय महामार्ग का निर्माण होगा: गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इनोवेशन, रिसर्च, स्टार्टअप को महत्व देते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ और निर्यात बढ़ाने को सोचकर नीतियां बनाई गई हैं। मुझे खुशी है कि नए राष्ट्रीय महामार्ग का निर्माण होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने से रोजगार और नए भारत का निर्माण होगा।

अमित शाह
मोदी सरकार द्वारा लाया गया ये बजट, एक दूरदर्शी बजट है, जो भारत की अर्थव्यवस्था का स्केल बदलने वाला बजट साबित होगा। ये बजट भारत को आत्मनिर्भर बनाने के साथ स्वतंत्रता के 100वें वर्ष के नए भारत की नींव डालेगा। इसके लिए नरेंद्र मोदी और निर्मला सीतारमण का अभिनंदन करता हूं।

जेपी नड्डा
2022-23 का बजट गरीब कल्याण बजट है। यह बजट एक साल के विकास के एजेंडे वाला बजट नहीं है बल्कि देश के अगले 25 साल की बुनियाद रखने वाला ब्लूप्रिंट है। बजट का आकार बढ़ाकर 39.45 लाख करोड़ करना कोरोना काल में भी भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। अगले 5 साल में एमएसएमई को लगभग 6,000 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। गरीबों के लिए अतिरिक्त 80 लाख घर बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में 48,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। नॉर्थ-ईस्ट के विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 

राहुल गांधी
मोदी सरकार का यह जीरो सम बजट है। इसमें नौकरीपेशा, मिडिल क्लास, गरीबों, युवाओं, किसानों, एमएसएमई के लिए कुछ भी नहीं है। 

रणदीप सुरजेवाला
भारत का नौकरीपेशा- मध्यम वर्ग महामारी, चौतरफा वेतन कटौती और कमरतोड़ मुद्रास्फीति के बीच में राहत की उम्मीद कर रहे थे। वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री ने उन्हें प्रत्यक्ष करों में फिर से निराश किया है। 

मल्लिकार्जुन खड़गे
इस बजट में गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है। यह सिर्फ अमीरों के लिए ही है। सरकार ने अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए यह बजट बनाया है। इससे अमीरों को ही फायदा होगा। सरकार का यह व्यवहार भारत के लोगों के लिए उचित नहीं है। 

आनंद शर्मा, कांग्रेस 
इस बजट से काफी उम्मीदें थीं। खासकर रोजगार सृजन, मध्यम वर्ग और गरीबों को राहत के मामले में, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भारत की अर्थव्यवस्था लगातार संघर्ष कर रही है। केवल जीडीपी के आंकड़े देकर आप इस दर्दनाक तथ्य को दूर नहीं कर सकते कि 2022 मार्च 31 में हम ठीक वहीं होंगे जहां हम दो साल पहले थे।

कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर
यह 'प्रो-कॉरपोरेट, प्रो-रिच' बजट है। इसमें मध्यम वर्ग व किसानों के लिए कुछ भी नहीं है। बेरोजगार युवाओं, किसानों, मध्यम वर्ग के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। निर्मला सीतारमण बजट 2022 में पूरी तरह फेल हो गई हैं।  

केसीआर, मुख्यमंत्री, तेलंगाना 
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने आम बजट को गोलमाल बजट करार दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट ने किसानों, मजदूरों और आम लोगों को निराश किया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने जनता को धोखा दिया है। उन्होंने कहा, 'बजट देखने के बाद मैं निराश हो गया। सरकार के मन में किसानों और गरीबों के लिए कोई सम्मान नहीं है।'

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें