बजट 2019, निर्मला सीतारमण
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट पेश किया। दो घंटे 10 मिनट के बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने कई नई योजनाओं के एलान के साथ कई वस्तुओं के दाम घटाने और बढ़ाने की घोषणा की। इस बजट की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
बजट की परिकल्पना
- न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन: जन भागीदारी से टीम इंडिया का निर्माण।
- हरी-भरी पृथ्वी और नीले आकाश के साथ प्रदूषण मुक्त भारत बनाना।
- डिजिटल इंडिया को अर्थव्यवस्था के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाना।
- गगनयान, चंद्रयान, अन्य अंतरिक्ष और उपग्रह कार्यक्रमों की शुरुआत।
- वास्तविक और सामाजिक बुनियादी ढांचे का निर्माण।
- नीली अर्थव्यवस्था।
- खाद्यान्नों, दालों, तिलहनों, फलों और सब्जियों में आत्मनिर्भरता और निर्यात।
- आयुष्मान भारत, पोषणयुक्त मां और बच्चा के जरिए स्वस्थ समाज की स्थापना, नागरिकों की सुरक्षा।
- एमएसएमई, मेक इन इंडिया के अंतर्गत स्टार्ट-अप्स, रक्षा निर्माण, मोटर वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्रों और बैटरियों और चिकित्सा उपकरणों पर जोर।
5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर
- वित्त मंत्री ने कहा कि लोगों के दिलों में आशा, विश्वास और आकांक्षा है।
- वर्तमान वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था 3 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी।
- सरकार भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना चाहती है।
- उद्योग जगत भारत का रोजगार सृजक और देश का संपदा सृजनकर्ता है।
निम्न में निवेश की आवश्यकता है
- बुनियादी ढांचा।
- डिजिटल अर्थव्यवस्था।
- छोटी और मझोली कंपनियों में नौकरियों का सृजन।
- निवेश का उत्कृष्ट दौर शुरू करने के लिए अनेक पहलें प्रस्तावित।
- ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के लिए मुद्रा ऋणों के जरिए जन सामान्य के जीवन में बदलाव।
उज्ज्वल वितरण कंपनियां आश्वासन योजना के अंतर्गत औद्योगिक और ऊर्जा का अधिक उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज, खुली पहुंच वाली बिक्री पर अनावश्यक शुल्क हटाया जाएगा।
- बिजली क्षेत्र शुल्क और ढांचागत सुधारों की जलद घोषणा की जाएगी।
- किराए के मकानों की बेहतरी के लिए सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे।
- मॉडल किराया कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा और राज्यों को भेजा जाएगा।
- संयुक्त विकास और रियायत तंत्र का इस्तेमाल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए किया जाएगा और केंद्र सरकार और सीपीएसई द्वारा रखी गई भूमि पर सस्ते मकान बनाए जाएंगे।
अवसंरचना के वित्त पोषण के लिए पूंजी स्रोत बढ़ाने के उपाय
- वर्ष 2019-20 में क्रेडिट गांरटी वर्धन निगम की स्थापना की जाएगी।
- अवसरंचना क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए बाजार को गहन करने सहित दीर्घकालिक बॉन्डों के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी।
- एफआईआई /एफपीआई द्वारा किए गए निवेश (आईडीएफ-एनबीएफसी द्वारा निर्गमित ऋण प्रतिभूतियों में) को विनिर्दिष्ट लॉकिंग अवधि के भीतर किसी घरेलू निवेश का प्रस्तावित अंतरण/ बिक्री।
बॉन्ड बाजार को गहन करने के उपाय
- स्टॉक एक्सचेंजों को लेटरल के रूप में एए दर्जे वाले बॉन्ड की अनुमति देने में सक्षम बनाना।
- कॉरपोरेट बॉन्ड के लिए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की उपयोग सुलभता की समीक्षा होगी।
सोशन स्टॉक एक्सचेंज
- सेबी के विनियामक दायरे में इलैक्ट्रॉनिक फंड रेजिंग प्लेटफॉर्म।
- सामाजिक उद्यमों और स्वैच्छिक संगठनों को सूचीबद्ध करना।
- इक्विटी, ऋण या म्यूचअल फंड जैसी यूनिटों की तरह पूंजी जुटाना।
- सेबी सूचीबद्ध कंपनियों में न्यूनतम सरकारी शेयरधारिता 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने पर विचार करेगा।
- विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) मानदंडों को निवेशकों के अधिक से अधिक अनुकूल बनाना।
राजकोषीय हुंडियों और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के लिए खुदरा निवेशक लाने के लिए सरकार स्टॉक एक्सचेंजों का इस्तेमाल करते हुए संस्थागत विकास सहित आरबीआई के प्रयासों को पूर्णत: प्रदान करेगी।
- भारत को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का और अधिक आकर्षक गंतव्य स्थल बनाने के उपाय।
- सभी हितधारकों के साथ परामर्श करके विमानन, मीडिया (एनीमेशन एवीजीसी) और बीमा क्षेत्र को एफडीआई के लिए और अधिक खोला जा सकता है।
- बीमा मध्यस्थताओं को 100 प्रतिशत एफडीआई।
- एकल बॉन्ड के खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के लिए स्थानीय स्रोत के मापदंडों को आसान बनाना।
- सरकार राष्ट्रीय अवसरंचना निवेश निधि (एनआईआईएफ) का उपयोग करके सभी तीनों श्रेणियों के वैश्विक प्रतिस्पर्धियों (पेंशन, बीमा, सम्प्रभु संपत्ति निधियां) वार्षिक वैश्विक निवेशक सम्मेलन का आयोजन करेगी।
- एफपीआई निवेश के लिए वैधानिक या सांविधिक सीमा 24 प्रतिशत से बढ़ाकर क्षेत्रीय विदेशी निवेश सीमा तक करने का प्रस्ताव है। संबंधित कॉरपोरेटों को न्यूनतम सीमा राशि सीमित करने का विकल्प दिया जाता है।
- एफपीआई को अवसंरचना निवेश न्यास, रियल एस्टेट निवेश न्यास द्वारा जारी सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों को सब्सक्राइब करने की अनुमति।
- एनआरआई पोर्टफोलियों निवेश योजना मार्ग का विदेशी पोर्टफोलियो निवेश मार्ग में विलय का प्रस्ताव।
- अवसंरचना निवेश न्यास, रियल एस्टेट निवेश न्यास जैसी नई और नवोन्मेषी लिखतों और साथ ही साथ टोल ऑपरेट ट्रांसफर (टीओटी) के जरिए जुटाए गए संचयी संसाधन 24,000 करोड़ रुपए से अधिक है।
- न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) एक सरकारी क्षेत्र का उद्यम है, जिसे अंतरिक्ष विभाग की वाणिज्यिक शाखा के रूप में शामिल किया गया है।
- लॉच व्हीकल का उत्पादन, प्रौद्योगिकियों का अंतरण और अंतरिक्ष उत्पादों का विपणन जैसे उत्पादों के वाणिज्यिकरण जैसे इसरो द्वारा किए गए अनुसंधान एवं विकास के लाभों को उपयोग में लाना।
शुरुआत में उन मामलों में ई-निर्धारण किया जाएगा जहां कुछ खास लेन-देनों या विसंगतियों का सत्यापन करना जरूरी है।
किफायती आवास
- 45 लाख रुपए तक के मूल्य वाले मकान की खरीद पर 31 मार्च, 2020 तक की अवधि तक के लिए गए ऋण पर चुकाए गए ब्याज के लिए 1.5 लाख रुपए तक की अतिरिक्त कटौती।
- 15 साल की ऋण अवधि पर लगभग 7 लाख रुपए का समग्र लाभ।
इलैक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन
- इलैक्ट्रिक वाहन खरीदने हेतु लिए गए ऋण पर चुकाए गए ब्याज पर 1.5 लाख रुपए तक की अतिरिक्त आयकर कटौती।
- इलैक्ट्रिक वाहनों के कुछ पुर्जों पर सीमा शुल्क में छूट।
अन्य प्रत्यक्षकर उपाय
- कर दाताओं की वास्तविक कठिनाईयों में कमी लाने के लिए कर कानूनों का सरलीकरण।
- कर रिटर्न दाखिल न करने के लिए कार्रवाई शुरू करने हेतु अधिकतम कर सीमा।
- आयकर अधिनिमय की धारा 50सीए और 56 के दुर्व्यवहार विरोधी प्रावधानों से उचित श्रेणियों के व्यक्तियों को छूट।
स्टार्ट-अप्स के राहत
- स्टार्ट-अप्स में निवेश के लिए रिहायशी मकान की बिक्री से उत्पन्न पूंजीगत लाभ में छूट 2021 तक बढ़ाई गई।
- एंजल टैक्स का मामला सुलझाया गया - आवश्यक घोषणा दाखिल करने वाले और अपनी रिटर्न में जानकारी उपलब्ध कराने वाले स्टार्ट-अप्स तथा उनके निवेशक शेयर प्रीमियम के मूल्यांकन के बारे में किसी तरह की जांच नहीं की जाएगी।
- स्टार्ट-अप्स द्वारा जुटाए गए धन को आयकर विभाग द्वारा किसी तरह की जांच की जरूरत नहीं होगी।
निवेशक और धनराशि के स्रोत की पहचान स्थापित करने के लिए ई-सत्यापन व्यवस्था।
- लंबित आकलनों और शिकायत निवारण के लिए विशेष प्रशासनिक प्रबंध।
- सुपरवाइजरी अधिकारी की अनुमति के बिना आकलन अधिकारी ऐसे मामलों में जांच नहीं कर सकेगा।
- श्रेणी 2 वैकल्पिक निवेश कोष को जारी शेयरों के मूल्यांकन की जांच नहीं।
- हानियों को आगे ले जाने और समायोजित करने की कुछ शर्तों में ढील देने का प्रस्ताव किया।
एनबीएफसी
जमा राशि लेकर खास बैड अथवा संदिग्ध ऋणों पर ब्याज के साथ-साथ महत्वपूर्ण जमा राशि पर वर्ष में कर लगाना, जिसमें वास्तव में ब्याज प्राप्त किया गया हो।
अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र (आईएफएससी)
- आईएफएससी के लिए प्रत्यक्ष कर प्रोत्साहन का प्रस्ताव किया गयाः
- 15 वर्ष की अवधि में किसी 10 वर्ष के ब्लॉक में 100 प्रतिशत मुनाफा आधारित कटौती
- कंपनियों को मौजूदा और कुल आय और म्युचुअल फंडों से लाभांश वितरण कर से छूट
- श्रेणी-III वैकल्पिक निवेश निधि के लिए पूंजी प्राप्तियों पर छूट
- अप्रवासियों से ऋण लेने पर ब्याज भुगतान में छूट
- प्रतिभूति लेन-देन कर (एसटीटी)
- एसटीटी केवल विकल्पों के इस्तेमाल के मामले में निपटारा और स्ट्राइक प्राइस के बीच अंतर तक सीमित है।
मेक इन इंडिया
- काजू, पीवीसी, टाइल, मोटरवाहन के पुर्जे, संगमरमर, ऑप्टीकल फाइबर केबल, सीसीटीवी कैमरा आदि पर आधारभूत सीमा शुल्क कर में वृद्धि।
- भारत में अब निर्मित होने वाले कुछ इलेक्ट्रॉनिक मदों पर सीमा शुल्क कर में छूट वापस ली गई।
- पाम स्टीरीन, वसायुक्त तेलों पर अंतिम उपभोग आधारित छूट वापस ली गई।
- विभिन्न प्रकार के कागजों पर छूट वापस ली गई।
- आयातित पुस्तकों पर 5 प्रतिशत आधारभूत सीमा शुल्क लगाया गया।
निम्नलिखित कुछ कच्चे मालों पर सीमा शुल्क घटाया गया
- कृत्रिम किडनी के औजारों, डिस्पॉजिबल स्टर्लाइज्ड डाइलिसर और परमाणु बिजली संयंत्र आदि के लिए ईंधन।
- विशेष इलेक्ट्रॉनिक सामग्रियों के निर्माण के लिए आवश्यक पूंजीगत सामग्री।
रक्षा
ऐसे रक्षा उपकरणों पर आधारभूत सीमा शुल्क से छूट, जिनका निर्माण भारत में नहीं हुआ हो।
अप्रत्यक्ष कर के अन्य प्रावधान
- कच्चे और अर्ध-परिष्कृत चमड़े पर निर्यात कर को सुसंगत बनाया।
- पेट्रोल और डीजल पर एक रुपये प्रति लीटर की दर से विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और सड़क एवं अवसंरचना अधिशेष में वृद्धि।
- सोना और अन्य बहुमूल्य धातुओं पर सीमा शुल्क में वृद्धि।
- केन्द्रीय उत्पाद और सेवा कर में जीएसटी व्यवस्था से पहले लंबित मुकदमें की शीघ्र समाप्ति हेतु लिगेसी विवाद निपटारा योजना।
ग्रामीण भारत
- उज्जवला योजना और सौभाग्य योजना से प्रत्येक ग्रामीण परिवार के रहन-सहन में सुधार हुआ है और इससे उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ है।
- सभी इच्छुक ग्रामीण परिवारों के लिए 2022 तक बिजली और स्वच्छ रसोई की सुविधा।
- प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण का उद्देश्य 2022 तक ‘सबके लिए आवास’ के लक्ष्य तक पहुंचना।
- इसके दूसरे चरण (2019-20 से 2021-22) में, पात्र लाभार्थियों को शौचालयों, बिजली और एलपीजी कनेक्शनों जैसी सुविधाओं के साथ 1.95 करोड़ घर दिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना
- प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के माध्यम से मत्स्य विभाग द्वारा एक मत्स्यपालन प्रबंधन संरचना स्थापित की जाएगी।
- अवसंरचना, आधुनिकीकरण, पता लगाने की योग्यता, उत्पादन, उत्पादकता, फसल कटाई पश्चात प्रबंधन और गुणवत्ता नियंत्रण सहित मूल्य श्रृंखला में अत्यधिक अंतर को हल करना।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
- पात्र और व्यवहार्य आवास स्थलों को सड़क संपर्क से जोड़ने की गति तेज करने के लिए इन्हें पूरा करने का निर्धारित लक्ष्य 2022 से कम करके 2019 किया गया है। ऐसे 97 प्रतिशत आवास स्थलों को सभी मौसमों के लिए अनुकूल सड़क संपर्क से जोड़ दिया गया है।
- हरित प्रौद्योगिकी, कचरा प्लास्टिक और शीत मिश्रित प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की 30,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है।
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण के तहत 80,250 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अगले पांच वर्षों में 1,25,000 किलोमीटर लंबी सड़क का उन्नयन किया जाएगा।
पारम्परिक उद्योग उन्नयन एवं पुनर्जीवन निधि योजना (एसएफयूआरटीआई)
- रोजगार के टिकाउ अवसरों के सृजन के लिए पारम्परिक उद्योगों को और अधिक उत्पादक, लाभदायक एवं सक्षम बनाने के लिए कलस्टर आधारित विकास में आसानी के लिए साझा सुविधा केन्द्र (सीएफसी) स्थापित किए जाएंगे।
- 2019-20 के दौरान बांस, शहद और खादी पर विशेष जोर देते हुए 100 नये कलस्टर स्थापित किए जाएंगे, जिससे 50,000 कारीगर आर्थिक मूल्य श्रृंखला में शामिल हो सकेंगे।
- नवाचार, ग्रामीण उद्योग एवं उद्यमिता बढ़ावा योजना (एएसपीआईआरई) को अंतिम रूप दिया गया।
- 2019-20 में 80 आजीविका व्यापार इंक्यूबेटर (एलबीआई) और 20 औद्योगिकी व्यापार इंक्यूबेटर (टीबीआई) स्थापित किए जाएंगे।
कृषि – ग्रामीण उद्योग क्षेत्र में 75,000 उद्यमियों को कौशल प्रदान किया जाएगा
- किसानों के उत्पादों को उनके खेतों से मूल्य संवर्द्धन को बढ़ावा देने और संबंधित क्रियाकलापों में लगे निजी उद्यमियों को सहायता दी जाएगी।
- पशुओं के लिए चारे का उत्पादन, दूध की खरीद, प्रसंस्करण और विपणन के लिए अवसंरचना तैयार करके सहकारी संस्थाओं के माध्यम से दूथ उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।
- किसानों की बेहतर आर्थिक स्थिति सुनिश्चित करने के लिए 10,000 नये किसान उत्पादक संगठन बनाए जाएंगे।
- सरकार ई-नाम से किसानों को लाभान्वित करने के क्रम में राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेगी।
- जीरो बजट फार्मिंग, जिसमें कुछ राज्यों के किसानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
- नया जल शक्ति मंत्रालय एक समन्वित और समग्र रूप से हमारे जल संसाधनों और जल आपूर्ति के प्रबंधन की देखरेख करेगा।
- जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों के लिए ‘हर घर जल’ (पाइप द्वारा जल आपूर्ति) के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।
- स्थानीय स्तर पर जल की मांग और आपूर्ति पर आधारित प्रबंधन पर जोर दिया जाएगा।
- इसके लक्ष्य तक पहुंचने के क्रम में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं को एक साथ मिलाया जाएगा।
- जलशक्ति अभियान के लिए 256 जिलों के 1592 खंडों की पहचान की गई है।
- इस उद्देश्य के लिए क्षतिपूर्ति वन्यकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण निधि का उपयोग किया जा सकता है।
स्वच्छ भारत अभियान
- 2 अक्तूबर 2014 से 9.6 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया गया।
- 5.6 लाख से अधिक गांव खुले में शौच से मुक्त(ओडीएफ) हुए।
- प्रत्येक गांव में सतत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन चलाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन का विस्तार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान
- दो करोड़ से अधिक ग्रामीणों को डिजिटली रूप से साक्षर बनाया गया।
- ग्रामीण और शहरी भेद को दूर करने के लिए भारत नेट के तहत प्रत्येक पंचायत में स्थानीय निकायों को इंटरनेट कनेक्टिविटी दी जा रही है।
पीपीपी प्रबंध के तहत वैश्विक दायित्व निधि का भारत नेट को गति प्रदान करने में उपयोग किया जाएगा।
शहरी भारत/अर्बन इंडिया
प्रधानमंत्री आवास योजना –शहरी (पीएमएवाई-अर्बन)
- लगभग 81 लाख घरों के निर्माण के लिए 4.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई। इनमें 47 लाख घरों में निर्माण कार्य शुरू हुआ।
- 26 लाख से भी अधिक घरों का निर्माण पूरा हुआ और लगभग 24 लाख घर लाभार्थियों को सौंपे गए।
- नई प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए अभी तक 13 लाख से भी अधिक घरों का निर्माण हुआ।
- 95 प्रतिशत से अधिक शहरों को भी खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया।
- लगभग एक करोड़ नागरिकों ने स्वच्छता एप्प डाउनलोड किया है।
- 2 अक्तूबर 2019 तक भारत को ओडीएफ बनाने के लिए गांधी जी के स्वच्छ भारत के संकल्प को अर्जित करने का लक्ष्य
- इस अवसर के उपलक्ष्य में 2 अक्तूबर 2019 को गांधी दर्शन, राजघाट में राष्ट्रीय स्वच्छता केन्द्र का उद्घाटन किया जाएगा।
युवाओं और समाज को सकारात्मक गांधीवादी मूल्यों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद द्वारा गांधी पीडिया का विकास किया गया है।
रेलवे को दिल्ली–मेरठ मार्ग पर प्रस्तावित रेपिड रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम(आरआरटीएस) जैसे एसटीवी निर्माणों के माध्यम से उपशहरी रेलवे में अधिक निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
निम्न के द्वारा मेट्रो रेलवे के प्रयासों को बढ़ाने का प्रस्ताव है
- अधिक से अधिक पीपीपी पहलों को प्रोत्साहित करना।
- स्वीकृत कार्य निश्चित रूप से पूरे करना।
- ट्रांजिट केन्द्रों के आसपास व्यापारिक गतिविधियां सुनिश्चित करने के लिए सहायक ट्रांजिट जनित विकास (टीओडी)