बीते कुछ चुनावों में जिस तरह से बसपा का ग्राफ नीचे गिरा है उसको लेकर पार्टी लगातार चिंतित है। इसी साल हुए लोकसभा के चुनावों में जो नतीजे आए हैं उससे तो पार्टी को अपनी पूरी सियासी रणनीति बदलने को मजबूर होना पड़ा है। इसी कड़ी में पार्टी ने अब तय किया था कि बसपा अपने पुराने वाले स्वरूप में वापिस आएगी। बसपा की ओर से तय योजना के मुताबिक उनकी सरकार के दौरान किए गए काम को एक बुकलेट के माध्यम से तैयार किया गया है। फिलहाल अब इन बुकलेट को लाखों की संख्या में छपवा कर घर घर भेजना शुरू किया जा चुका है। इस बुकलेट में मायावती ने दलितों के लिए शुरू हुए बसपा आंदोलन के प्रत्येक कार्य का जिक्र किया है। अपनी इस बुकलेट में मायावती ने सपा कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा है।
बहुजन समाज पार्टी के नेता और बुंदेलखंड क्षेत्र के पूर्व उप प्रभारी रहे चंद्रकुमार कहते हैं कि इस बुकलेट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा जा रहा है। ताकि बसपा के आंदोलन के बारे में उनके पुराने साथियों और युवाओं को पता चल सके। मायावती ने अपनी इस 59 पेज की बुकलेट में राहुल गांधी के जूता मरम्मत वाले एक दुकानदार के यहां रुकने को भी राजनीति करार देकर निशाना साधा है। उन्होंने अपने दलित समुदाय को इस पूरे घटनाक्रम के साथ कहा कि सिर्फ एक जाति विशेष के लोग अपने जन्म के आधार पर ही जूता बनाने और मरम्मत का काम क्यों करें। उन्होंने इस बुकलेट में ब्राह्मणों के लिए भी बड़ी बात कहते हुए उनको अपने सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से जोड़ने का प्रयास किया है। मायावती ने इस बुकलेट के माध्यम से सपा कांग्रेस और भाजपा में ब्राह्मण के किसी भी तरीके के उत्थान न होने की बात कही है। बहुजन समाज पार्टी ने अपनी सियासी रणनीति के मुताबिक एक बार फिर से ब्राह्मणों पर मजबूती से दांव लगाने के लिए बुकलेट का सहारा लिया है।
मायावती ने इस बुकलेट के माध्यम से समाजवादी पार्टी और बसपा के गठबंधन टूटने की कई वजहों का भी खुलासा किया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने उनका और उनके नेताओं का फोन तक उठाना बंद कर दिया था। वह बुकलेट के माध्यम से अपने समाज के लोगों को एक संदेश देने की कोशिश करती है कि पार्टी ने स्वाभिमान के चलते समाजवादी पार्टी से अलग होने का फैसला लिया था। हालांकि मायावती के इस आरोप पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी खंडन करते हैं। उनका कहना है कि उनके नेता अखिलेश यादव गठबंधन का धर्म बहुत अच्छे से निभाते हैं। इसलिए यह कहना कि उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया पूरी तरह से निराधार है। इस दौरान मायावती ने अपने वोटरों को एक बार फिर से लखनऊ के उस गेस्ट हाउस कांड की याद दिलाआई जिसको लेकर सियासी गलियों में कभी भूचाल आ गया था।
अपनी इस बुकलेट के माध्यम से मायावती ने अपनी कड़क छवि को भी खूब कसके चमकाया है। इस दौरान लोगों को बुकलेट के माध्यम से इस बात का भी एहसास कराया गया है कि मायावती ही बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के बताए हुए रास्तों पर चलकर समाज का उत्थान करेंगे। मायावती को इस बुकलेट में आयरन लेडी कहकर के संबोधित किया गया है। और आयरन लेडी के नेतृत्व में सत्ता की मास्टर चाबी पाने से लेकर बहुजन समाज के उत्थान का जिक्र है। इसके अलावा उन्होंने अपनी बुकलेट में सम्राट अशोक का भी जिक्र किया है। सम्राट अशोक को बहुजन हिताय बहुजन सुखाय वाला नेतृत्वकर्ता बताते हुए कहा है कि उस दौर के कल्याणकारी युग वाला भारत एक बार फिर से बनेगा।
दरअसल बसपा सुप्रीमो मायावती ने महाराष्ट्र, जम्मू कश्मीर समेत हरियाणा के मुख्य चुनाव और उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में मैदान में हैं। इन चुनावों को मायावती अपने खोए हुए जनाधार को वापिस पाने का बड़ा मौका मान रहीं हैं। यही वजह है की मायावती ने अपनी सरकार की योजनाओं को "प्लान बुकलेट" के माध्यम से आगे बढ़ाने की योजना बनाई। बसपा के पूर्व जोनल कोऑर्डिनेटर रामसनेही चौधरी कहते हैं की इस बुकलेट के माध्यम से उनकी पार्टी ने मजबूती के साथ एक-एक घर तक दस्तक देने की प्रक्रिया शुरू की है। बाकी पार्टी की सुप्रीमो मायावती के विजन और बसपा के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता जुट गया है।