केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले सेस और सरचार्ज में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसकी वजह से करों के विभाज्य पूल में राज्यों की हिस्सेदारी घट रही है। विजयन ने कहा कि विभाज्य पूल में शामिल नहीं होने वाले सेस और सरचार्ज में वृद्धि ऐसे समय में हो रही है, जब वित्त आयोग ने केंद्र द्वारा एकत्र किए गए करों की शुद्ध आय में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाने की सिफारिश की है।
राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग
गैर भाजपा शासित पांच राज्यों द्वारा आयोजित किए गए सम्मेलन में सीएम विजयन ने यह बात कही। गौरतलब है कि गैर भाजपा शासित राज्यों के सम्मेलन में 16वें वित्त आयोग के अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। सीएम विजयन ने कहा कि करों के विभाज्य पूल में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाई जानी चाहिए। पिछले वित्त आयोग ने करों के विभाज्य पूल में राज्यों की हिस्सेदारी 41 फीसदी तय की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पहले भी दक्षिण के राज्यों के साथ ये मांग उठा चुके हैं और राज्यों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत करने की मांग कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा इकट्ठा किए गए करों में राज्यों के लिए अधिक हिस्से की मांग पूरी तरह से प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने इस मांग को विद्वानों और विशेषज्ञों से केंद्र के सामने ठोस तरीके से उठाने की अपील की। इससे राज्यों के बढ़ते राजकोषीय असंतुलन से भी निपटा जा सकेगा।