दानिश अली ने कहा कि स्थापित प्रक्रिया के अनुसार, शिकायतकर्ता सदस्य को विशेषाधिकार समिति के समक्ष पहले बुलाया जाता है और उसके बाद आरोपी सदस्य को बुलाया जाता है।
बसपा सांसद दानिश अली ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। इस पत्र में दानिश अली ने लोकसभा की दो समितियों पर संसदीय प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। दानिश अली ने लोकसभा में भाजपा सासंद रमेश बिधूड़ी द्वारा उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के अपने नोटिस का जिक्र किया है।
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संसदीय प्रक्रियाओं के उल्लंघन का आरोप
दानिश अली ने कहा कि स्थापित प्रक्रिया के अनुसार, शिकायतकर्ता सदस्य को विशेषाधिकार समिति के समक्ष पहले बुलाया जाता है और उसके बाद आरोपी सदस्य को बुलाया जाता है। हालांकि नियमों का उल्लंघन करते हुए उनके खिलाफ असंसदीय टिप्पणी करने वाले रमेश बिधूड़ी को पहले बुलाया गया है। दानिश अली ने दावा किया कि समिति ने अभी तक उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए नहीं बुलाया है। बसपा सासंद ने लोकसभा स्पीकर को लिखे पत्र में अनुरोध किया है कि वह अधिकारियों को निर्देश दें कि उन्हें विशेषाधिकार समिति के समक्ष बुलाया जाए।
महुआ मोइत्रा मामले में की ये शिकायत
दानिश अली ने ये भी लिखा कि आचार समिति ने कैश फॉर क्वेरी मामले में टीएमसी सांसद के खिलाफ आरोप लगाने वाले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को बुलाकर सही प्रक्रिया का पालन किया गया है। हालांकि उन्होंने शिकायत की कि समिति के अध्यक्ष ने व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के हलफनामे की प्राप्ति के बारे में मीडिया से बात की, जो नियमों के खिलाफ है। बता दें कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया है। जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।