सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि पूर्वी और पश्चिमी मोर्चे पर सभी प्रकार के कैमरों की तैनाती करके निगरानी को बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि कम लागत वाले तकनीकी समाधार तैयार करने के भी प्रयास किए गए हैं।
बीएसएफ के डीजी ने कहा, हमें इसके लिए हमें करीब तीस करोड़ रुपये मिले हैं। इस साल करीब 5,500 कैमरे अतिरिक्त लगाएंगे। उन्होंने आगे कहा, हम किसी भी तरह की घुसपैठ या किसी भी तरह के अन्य नापाक मंसूबों की दिन और रात निगरानी करने के लिए बड़े पैमाने पर ड्रोन का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि चार एक-47 राइफल, गोला-बारूद और पचास किलोग्राम हेराइन बरामद की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि सीमा पर रहने वाले लोगों के साथ अच्छे संबंध हैं। हम उन किसानों को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं जो तार वाली बाड़ से आगे अपनी जमीन पर खेती कर रहे हैं। डीजी बूरा ने ताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हमेशा घुसपैठ का दबाव रहता है। हमारी घुसपैठ की कोई नीति नहीं है और हम किसी को भी घुसपैठ नहीं करने देंगे।
बीएसएफ के आईजी बूरा ने भी बढ़ते ड्रोन खतरों को माना और कहा कि ड्रोन एक समस्या है। लेकिन हमारे पास पर्याप्त उपकरण हैं। ड्रोन के खतरों को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि जम्मू में ड्रोन गतिविधियों में कमी आई है और पंजाब में भी ड्रोन गतिविधियों में कमी आई है।
उन्होंने आगे कहा, पाकिस्तान उन सभी को यह जानने में मदद कर रहा है कि ड्रोन गिराने की किसी भी घटना के होने पर हम पाक सेना के साथ विरोध दर्ज कराते रहते हैं, वे हमेशा किसी भी बात से इनकार करते हैं।
आईजी बूरा ने यह भी दावा किया कि 2022 में कोई भी घुसपैठ सफल नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा, वे कभी-कभी सुरंगों के जरिए घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं, लेकिन बीएसएफ हमेशा तत्पर रहती है और उन्हें बेअसर कर देती है। घुसपैठियों ने आईईडी का इस्तेमाल करने की कोशिश की लेकिन वे हमेशा विफल की गई हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि नार्को आतंकवाद एक खतरा है। आतंकवादी अपनी गतिविधियों की फंडिंग करने के लिए नार्को आतंकवाद का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन बीएसएफ सीमा पर सक्रिय है और उसने आतंकवादियों के सभी प्रयासों को विफल किया है।