सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने इस के शुरुआती साढ़े तीन महीनों में 9500 से अधिक कर्मचारियों की भर्ती की है। पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ देश की सीमा के लिए बीएसएफ अग्रिम मोर्चे का बल है और अपनी ताकत को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
नए भर्ती होने वाले कर्मचारियों में अधिकतक कांस्टेबल रैंक के हैं। इन्हें धीरे-धीरे पाकिस्तान व बांग्लादेश के साथ सीमा पर स्थित चौकियों और आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों के लिए तैनात किया जा रहा है जिसमें वामपंथी चरमपंथियों के खिलाफ सशस्त्र लड़ाई शामिल है।
आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी से 13 अप्रैल तक बीएसएफ में कुल 9550 नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इनमें शामिल लगभग 1700 कर्मचारी महिलाएं हैं।
20-25 वर्ष आयु वर्ग में आने वाले इन सभी कर्मचारियों की भर्ती पिछले साल के मध्य में की गई थी। इसके बाग उनमें 44 सप्ताह की बेसिक ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था। यहां उन्हें हथियार चलाने, नक्शा पढ़ने, सीमा प्रबंध जैसे विषयों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा कि अधिकांश नए कर्मचारियों की भर्ती जनरल सिक्योरिटी ड्यूटी कैडर में की गई है। लेकिन, कुछ कर्मचरियों को रेडियो ऑपरेटर्स और अन्य विशेष शाखाओं के लिए भर्ती किया गया है। आने वाले दिनों में और भर्तियां की जाएंगी।
ऑपरेशन जरूरतों को देखते हुए हुई हैं नई भर्तियां
अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाले इस बल में लगभग 2.65 लाख कर्मचारी हैं। दो संवेदनशील और अहम सीमाओं को देखते हुए नई भर्तियां खाली पदों को भरने और क्षमता बढ़ाने के लिए ऑपरेशनल जरूरतों के हिस्से के तौर पर की गई हैं।
बता दें कि सीमा सुरक्षा बल हथियारों, नशीले पदार्थों और नकली मुद्रा की तस्करी जैसे सीमा पार अपराधों की जांच करने और देश की जमीनी और नदियों की सीमाओं के माध्यम से आतंकवादियों और अपराधियों की घुसपैठ को रोकने का काम करता है।