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'रात में दवा मिलना वरदान से कम नहीं': भारतीय हेल्थकेयर की मुरीद हुईं ब्रिटेन की पूर्व डॉक्टर, क्या-क्या बोलीं?

Mon, 31 Aug 2026 07:37 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, नई दिल्ली/लंदन। 

सार

ब्रिटेन की पूर्व डॉक्टर ने भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि रात में दवा मिलना मरीजों के लिए वरदान से कम नहीं है। उन्होंने भारत में इलाज और दवा से जुड़ी किन सुविधाओं को खास बताया? पढ़िए रिपोर्ट
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डॉ. दीपांजलि शर्मा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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ब्रिटेन (यूके) की नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) की एक पूर्व डॉक्टर ने भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था और आसानी से उपलब्ध होने वाली चिकित्सीय सुविधाओं की प्रशंसा की है। उन्होंने रात के समय भी तुरंत दवाइयां और इंजेक्शन मिलने के अपने हालिया अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे वरदान बताया।
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रात 10 बजे अचानक बिगड़ी पति की तबीयत..
वायरल वीडियो में डॉ. दीपांजलि शर्मा ने बताया कि रात के करीब 10 बज रहे थे और उनके पति, जो खुद एक डॉक्टर हैं, अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। शाम को हल्के सिरदर्द के साथ उनकी तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। पति की हालत को देखते हुए डॉ. दीपांजलि तुरंत दवा और आईवी (इंट्रावीनस) इंजेक्शन लेने के लिए रात के वक्त गाड़ी चलाकर बाहर निकलीं। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में उन्हें भारत में होने की सुविधा का अहसास हुआ। 

पश्चिमी देशों में होती तो कतार में लगना पड़ता 
डॉ. शर्मा ने अपने वीडियो में यूके या अन्य पश्चिमी देशों की स्वास्थ्य प्रणाली से भारत की तुलना करते हुए कहा कि अगर वे इस समय विदेश में होतीं, तो एक डॉक्टर होने के बावजूद उन्हें दवाओं के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता। उन्होंने बताया कि वहां की ओवर-लोडेड इमरजेंसी यूनिट्स में तुरंत सहायता मिलना आसान नहीं होता और न ही वहां काउंटर से सीधे डॉक्टर की सलाह पर दवाइयां आसानी से खरीदी जा सकती हैं। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि विदेशों में जीवन केवल सुंदर और आसान नहीं होता, बल्कि वहां कई तरह के संघर्ष छिपे होते हैं। जिन छोटी-छोटी बातों को हम भारत में सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, वे वहां बड़े संघर्ष का रूप ले लेती हैं। 
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कमियां देखें, लेकिन खूबियों को न भूलें...
डॉ. शर्मा ने स्वीकारा कि भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था और अन्य क्षेत्रों में अभी भी सुधार की गुंजाइश है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम अपनी व्यवस्था की अच्छाइयों को भूल जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में हर परिस्थिति शत-प्रतिशत आदर्श नहीं होती। एक भारतीय नागरिक के रूप में इस सुविधा का लाभ उठा पाना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
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