एनएसए अजीत डोभाल ने वैश्विक मुद्दों को विश्वसनीयता, समानता और जवाबदेही के साथ समाधन करने के लिए बहुपक्षीय प्रणाली में तत्काल सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।
ब्रिक्स के सदस्य देशों से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) ने गहन विचार-विमर्श करके बहुपक्षवाद एवं वैश्विक शासन को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नए खतरों और चुनौतियों से निपटने को लेकर भी आम सहमति जताई गई।
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल बुधवार को ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उच्च प्रतिनिधियों की 12वीं बैठक में वीडियो कांफ्रेंस के जरिये शामिल हुए। डोभाल ने पांच देशों के इस समूह की वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए बिना किसी आपत्ति के आतंकवाद के खिलाफ सहयोग मजबूत करने का आह्वान किया।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक, बैठक में नए मोर्चों पर शासन को बेहतर करने तथा मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। सभी पक्षों ने 14वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सार्थक नतीजों के लिए काम करने की तत्परता जताई।
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साइबर सुरक्षा पर काम की समीक्षा
बैठक में आतंकवाद विरोध और साइबर सुरक्षा पर कार्यकारी समूह के काम की समीक्षा की गई। इसमें अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद विरोध और साइबर सुरक्षा सहयोग के लिए योजनाओं तथा रूपरेखाओं को संयुक्त रूप से बढ़ावा देने पर सहमति जताई गई। चीन इस साल ब्रिक्स देशों का अध्यक्ष है और उसे पांच सदस्यीय संगठन के 23-24 जून को वर्चुअल शिखर सम्मेलन की मेजबानी करनी है।
आतंकियों का आईसीटी इस्तेमाल रोकना जरूरी : डोभाल
डोभाल ने महामारियों व जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के विरुद्ध सहयोग जारी रखने की जरूरत पर भी बात की। उन्होंने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), अंतरिक्ष-समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, आतंकियों द्वारा आईसीटी के इस्तेमाल को रोकना जरूरी है। उन्होंने ‘लचीली व विश्वसनीय आपूर्ति शृंखला’ के महत्व पर भी जोर दिया।